लखनऊ में चौपट चौराहे : संजय गांधी पीजीआई पहुंचने से पहले दर्द बढ़ा रहा तेलीबाग चौराहा का जाम
Lucknow mein Chaupat Chaurahe: सात मार्गों को जोड़ने वाले इस चौराहे पर सुबह से देर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं।

तेलीबाग चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें
HighLights
ई रिक्शा,आटो, लेबर मंडी और अतिक्रमण की चपेट में तेलीबाग चौराहा
अवैध आटो, ई-रिक्शा व टेंपो स्टैंड, फुटपाथ पर अतिक्रमण जाम की सबसे बड़ी वजह
विनय तिवारी/प्रशांत भारती, लखनऊ : प्रदेश भर से गंभीर रोगों का उपचार कराने के लिए संजय गांधी पीजीआई जाने वाले रोगियों का दर्द तेलीबाग चौराहे पर लगने वाला जाम बढ़ा देता है।
वीआईपी रोड होकर तेलीबाग चौराहे से रायबरेली रोड की ओर जाने वाली बसों के बीच रास्ते खड़े होने का असर चारों दिशाओं के यातायात पर पड़ता है। उनके पीछे एंबुलेंस सहित कई वाहन फंस जाते हैं। अवैध आटो, ई-रिक्शा और टेंपो स्टैंड, सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहन और फुटपाथ पर अतिक्रमण,चौराहे पर मजदूरों की मंडी और नशेड़ियों का अड्डा, जाम की सबसे बड़ी वजह बने हुए हैं।
सात मार्गों को जोड़ने वाले इस चौराहे पर सुबह से देर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। तेलीबाग से पीजीआई, वृंदावन, एल्डिको, साउथ सिटी और मोहनलालगंज की ओर जाने वाले लोगों को रोजाना जाम से जूझना पड़ता है यही हाल दूसरी तरफ से आने वालो का भी है।
राहगीर रजत, राम कुमार, रिक्की और रेखा बताते हैं कि तेलीबाग से पीजीआई पहुंचने में सामान्य स्थिति में 25 से 30 मिनट लग जाते हैं। जाम अधिक होने पर इससे भी ज्यादा समय लगता है। तेलीबाग होकर शहीद पथ के रास्ते एयरपोर्ट जाने वाले लोग भी यहां फंसकर परेशान होते हैं।चौराहे की एक सड़क पर सप्ताह में दो दिन सब्जी मंडी लगती है। फुटपाथ पर दुकानदारों और पटरी दुकानदारों का कब्जा है।

जाम के मुख्य कारण
सातों मार्गों पर खुलेआम ई रिक्शा ऑटो टेंपो अवैध रूप से स्टैंड बनाकर सवारी का इंतजार करते हैं।
बैरिकेडिंग से बना लेफ्ट टर्न से लोग उल्टी दिशा से भी लोग आते जाते हैं।
फुटपाथ पर अवैध दुकानें, सड़कों पर पार्किंग।
यातायात पुलिस कर्मियों की कमी के चलते जाम।
जाम दूर करने के उपाय
चौराहे से पहले ई-रिक्शा के लिए निर्धारित पिकअप-ड्राप प्वाइंट बनाए जाएं।
सड़क के बीच सवारी बैठाने पर तत्काल कार्रवाई हो।
रोडवेज बसों के लिए चौराहे से दूर निर्धारित स्टाप बनाया जाएं।
लेन बदलकर चलने और गलत लेन में खड़े होने वालों का नियमित चालान हो
अतिक्रमण हटाकर तीनों लेन को पूरी तरह यातायात के लिए खोला जाए।
व्यस्त समय में अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और सीसीटीवी से निगरानी हो।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
स्टाफ की कमी के कारण निगरानी प्रभावित : एसीपी यातायात राधा रमन सिंह ने बताया कि यहां यातायात दो सिपाही व एक टीएसआई ही रहते हैं। इस चौराहे पर सात मार्ग जुड़ते हैं। ऑटो और ई रिक्शा टेंपो के चालान भी होते हैं, लेकिन उसके बावजूद भी स्टाफ की कमी के चलते यह सब ऑटो ई-रिक्शा खड़े हो जाते हैं। कई बार अभियान चलाया गया है। अगर स्थानीय पुलिस भी इस मामले में आगे आए तो कुछ सुधार होगा।
एक बार फिर से चलाया जाएगा अभियान : जोनल अधिकारी जोन आठ नगर निगम आशीष सिंह ने बताया कि जो भी लोग चौराहे के आसपास फुटपाथों पर अवैध कब्जा करें हैं या अवैध दुकान चला रहे हैं उसके खिलाफ फिर से एक बार अभियान चलाया जाएगा।
