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लखनऊ के चौपट चौराहे- रोड इंजीनियरिंग की खामी से कमता चौराहे पर सकरी हो गई सड़क

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:52 PM (IST)

Lucknow Mein Chaupat Chaurahe:गलती से अगर आप सुबह व शाम को कार्यालय छूटने के बाद कमता चौराहा से निकलते हैं तो आपका जाम में फंसना सौ प्रतिशत तय है।

कमता चौराहे पर जाम में फंसी एबुलेंस। जागरण

कमता चौराहे पर जाम में फंसी एबुलेंस। जागरण

HighLights

  1. जाम से जूझ रहा अयोध्या को जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 27)

  2. ई रिक्शा की लंबी कतार, रोडवेज की बसें और तीसरी तरफ बैरिकेडिंग

अंशू दीक्षित, लखनऊ : Lucknow Mein Chaupat Chaurahe- भगवान राम की नगरी अयोध्या को जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 27) कमता चौराहा जाम से जूझ रहा है। यह चौराहा प्रमुख रूप से अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग को शहीद पथ से कनेक्ट करता है।

कमता चौराहा शहीद पथ से अयोध्या के साथ ही सुलतानपुर, रायबरेली और कानपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने का काम कर रहा है। इसका उपयोग सवा लाख वाहन प्रतिदिन करते हैं। यहां से आने व जाने वाले वाहनों के पहिया कमता चौराहे पर पहुंचते ही थम जाते हैं।

यहां पर एक तरफ ई रिक्शा की लंबी कतार, दूसरी तरफ रोडवेज की बसें और तीसरी तरफ बैरिकेडिंग करके सकरी की गई सड़कों से निकलते वाहनों को देखा जा सकता है। शायद ही यहां से कोई वाहन जाम में फंसे बिना निकल पाए।

गलती से अगर आप सुबह व शाम को कार्यालय छूटने के बाद निकलते हैं तो आपका जाम में फंसना सौ प्रतिशत तय है। यहां नियमित रूप से दो सौ से अधिक चालान होते हैं, एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर व चार ट्रैफिक पुलिस कर्मी व दो होमगार्ड की तैनाती है। इसके बाद भी कमता चौराहे पर जाम की दुर्दशा देखी जा सकती है।

बस अड्डा व अवैध ई रिक्शा स्टैंड लगा रहा जाम

चिनहट से कमता आने वाली मार्ग पर बस अड्डा है, यहां से एक लेन से बसे निकालते हैं, जो शहीद पथ की तरफ जाती हैं। दूसरा चिनहट से कमता चौराहे पर आने वाला मुख्य मार्ग है, जिसे अयोध्या लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग भी कह सकते हैं। उसे बैरिकेडिंग लगाकर दो भागों में विभाजित कर दिया गया है।

Kamata C

एक मार्ग शहीद पथ को जाता है और दूसरा यू टर्न होकर अयोध्या रोड की तरफ जाता है। पहला तो यह मार्ग बेहद सकरा है और दूसरा सड़क पर सौ मीटर तक बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यहां तीन तरफ से वाहन आने के कारण जाम लगता है। बस अड्डे और मुख्य मार्ग के बीच में पैदल चलने के लिए फुटपाथ है, यहां जबरदस्त अतिक्रमण है। ठेले वालों ने मुख्य मार्ग तक कब्जा कर रखा है।

हाईकोर्ट की बाउंड्रीवाल से सटा अवैध ई रिक्शा स्टैंड

कमता चौराहे से पालीटेक्निक चौराहे की तरफ चलते ही हाईकोर्ट की बाउंड्रीवाल से सटी सर्विस लेन है। यहां ई रिक्शा सैकड़ों की संख्या में लाइन से खड़े मिल जाएंगे। सवारियां हजारों की संख्या में यहां होती है क्योंकि बस अड्डा है। कुछ निजी बसें शहीद पथ की सर्विस लेन पर खड़ी होती हैं, जो मिलीभगत से चल रहा है। चंद कदम चलते ही जाम में एंबुलेंस भी फंसती है लेकिन फोटोग्राफर के कैमरे को देखकर यातायात पुलिस ट्रैफिक सतर्क हो जाती है और एंबुलेंस के लिए रास्ता भी बनवाती है लेकिन ई रिक्शा के संचालन व उनके खड़े होने का स्थान निर्धारित न होने से जाम का सबसे बड़ा कारण ई रिक्शा ही हैं।

जाम के कारण

बस अड्डे के पास से निकले तीन रास्ते, तीनों ही सकरे। इन पर अतिक्रमण।
ई रिक्शा के लिए अलग से पार्किंग की कोई व्यवस्था न होना।
शहीद पथ से आने व जाने वाला ट्रैफिक नियंत्रित करने की सही व्यवस्था का न होना।
पालीटेक्निक की तरफ से आने वाले वाहनों को यू टर्न करने के दौरान जाम का लगना।
चिनहट से कमता जाने वाले मार्ग पर पहले से खड़े ई रिक्शे हैं।

जाम से बचने के विकल्प

पालीटेक्निक चौराहे से कमता चौराहे तक और कमता चौराहे से तिवारीगंज चौराहे तक एलिवेटेड रोड का निर्माण।
चिनहट से कमता की तरफ आने वाली सड़क का चौड़ीकरण।
ई रिक्शा के लिए अलग से स्थान निर्धारित हो, वहां जाकर सवारियां बैठे और अपने गंतव्य पर जाए।
शहीद पथ से आने वाले ट्रैफिक को कमता चौराहे पर बने फ्लाईओवर से जोड़ने के लिए एलिवेटेड रोड व रैम्प से पालीटेक्निक की तरफ जाने का मार्ग।

क्या कहते हैं लोग

नीरज सिंह कहते हैं, मैं यहां से नियमित रूप से निकलता हूं। यहां जाम का मुख्य कारण ई रिक्शा हैं। करीब एक हजार ई रिक्शा यहां हैं। उनके लिए अलग से स्टैंड जिस दिन हो जाएगा, जाम खत्म हो जाएगा।

विशाल यादव का मानना है कि पालीटेक्निक रोड से कमता चौराहे तक एलिवेटेड रोड और ई रिक्शा चालकों को यहां से हटाकर कोई दूसरा स्थान देने की जरूरत है। वर्दीधारी तो मूकदर्शक बने खड़े रहते हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

एसीपी ट्रैफिक विकास पाण्डेय ने बताया कि ई रिक्शा के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। नियमित रूप से ई रिक्शा सीज किए जा रहे हैं। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही नगर निगम से पत्राचार कर, इनके खड़े करने के लिए स्थान की मांग की गई है।

जोनल अधिकारी, नगर निगम जोन चार शिल्पी कुमार ने बताया कि नगर निगम की तरफ से समय समय पर अतिक्रमण हटाया जाता है। अभी कुछ दिन पहले ही कमता चौराहे से लेकर चंदन अस्पताल तक अतिक्रमण हटाया गया था। पुलिस को सूचना भी दी गई थी लेकिन इसके बाद फिर अतिक्रमण हो गया। एक दो दिन में अभियान चलाकर फिर से अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

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