लखनऊ-कानपुर का सफर होगा आसान, 120 की रफ्तार में दौड़ेंगी ट्रेनें; 40 से 45 मिनट में पूरा होगा सफर
लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर अब ट्रेनें 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी जिससे यात्रा का समय घटकर 40-45 मिनट हो जाएगा। पुराने गंगा पुल की मरम्मत के बाद ट्रेनों की गति में भी सुधार हुआ है। स्वर्ण शताब्दी चित्रकूट और तेजस जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों की गति बढ़ाकर परीक्षण किया गया है। जून में यह गति लागू हो जाएगी जिससे 50 हजार दैनिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर अब 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी। इससे कानपुर से लखनऊ के बीच का सफर सुगम और आसान होगा। पहले जहां सवा से डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा था, वहीं अब 40 से 45 मिनट का समय ही लगेगा।
रेलवे के पुराने गंगा पुल की मरम्मत के बाद इस पर भी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ गई है। पहले 10 किमी प्रति घंटा के स्थान पर अब पुल से 45 किमी की रफ्तार से ट्रेनें गुजारी जा रही हैं। इससे ट्रेनों का परिचालन सुधरा है। रेलवे के पुराने गंगा पुल पर एच-बीम स्लीपर डालने के लिए प्रतिदिन नौ घंटे का मेगा ब्लाक पिछले दिनों लिया गया था। इससे पहले कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर ट्रैक को दुरुस्त किए जाने का काम भी चल रहा था, जो काफी हद तक पूरा किया जा चुका है।
इससे लखनऊ जंक्शन स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस, चित्रकूट एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस समेत सुपरफास्ट ट्रेनों की गति को बढ़ाकर परीक्षण किया जा चुका है। इसमें बेहतर परिचालन मिला। जून में ही ट्रेनों की औसतन रफ्तार 120 किमी प्रतिघंटा की इस रूट पर कर दी जाएगी। इससे कानपुर से लखनऊ की दूरी कम समय में तय होगी। दैनिक यात्रियों को इससे सबसे अधिक सहूलियत मिलेगी।
प्रतिदिन 50 हजार दैनिक यात्री कानपुर से लखनऊ की यात्रा करते हैं। दिसंबर 2024 में इस रेलखंड का अफसरों ने निरीक्षण किया था, तभी से रफ्तार बढ़ाने को लेकर तैयारी चल रही थी। कानपुर सेंट्रल के निदेशक आशुतोष सिंह ने बताया कि ट्रेनों की गति बढ़ाने का काम काफी समय से चल रहा है। इससे ट्रेन यात्रियों को सुविधा होगी।
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