लखनऊ, जेएनएन। एनएचएआइ अगस्त में कानपुर लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस का निर्माण शुरू करेगा। भूमि अर्जन की प्रक्रिया जून के अंत तक पूरी होगी। बनी तक जितने भी खसरा हैं, उनकी अर्जन प्रक्रिया तेज हो चुकी है। 90 फीसद भूमि का अर्जन जून के अंत में हो जाएगा। दूसरी ओर टेंडर प्रक्रिया भी चलेगी। अगस्त में निर्माण शुरू होगा। ये एक्सप्रेस वे अमौसी के थोड़ा आगे से ट्रांस गंगा सिटी तक जाएगा। 45 से 50 मिनट के समय में कानपुर का सफर लखनऊ से पूरा किया जाना संभव होगा।

कानपुर एलीवेटेड हाईवे के रास्ते में 63 ग्राम पंचायतों की जमीन आ रही है, जिससे हजारों ग्रामीणों की भूमि प्रभावित होगी। किसानों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा नेशनल हाईवे अथॉरिटी देगी। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने इस आशय का गजट किया है। इन गांवों से कितनी कितनी भूमि ली जाएगी, इसका गजट भी कर दिया गया है। इस एलीवेटेड एक्सप्रेस वे के बनने से लखनऊ-कानपुर के बीच की दूरी 40 से 50 मिनट में पूरी हो जाएगी। राजधानी में सरोजनी नगर तहसील में पहला गांव पिपरसंड होगा।

इस तहसील के 18 गांव शामिल होंगे। इसके आगे हसनगंज तहसील के चार गांव होंगे। फिर उन्नाव की पुरवा तहसील के 18 गांवों में जमीन ली जाएगी। आखिर में उन्नाव तहसील के 32 गांवों का हिस्सा होगा, जिसमें बंथरा का औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल होगा। एक्सप्रेस वे के 11वें किमी से ग्रामीण क्षेत्र शुरू होगा। इस एक्सप्रेस वे का शिलान्यास सात मार्च को किया गया था। मगर आचार संहिता लगने के बाद बाकी प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है। निर्माण अगस्त से शुरू किये जाने की तैयारी है। इस परियोजना के संयोजक केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि अगस्त से एक्सप्रेस वे का निर्माण हम शुरू करवा देंगे। सभी प्रक्रिया तीन महीने में पूरी हो जाएंगी।

जून के अंत में टेढ़ी पुलिया और सीतापुर रोड पर बनने लगेंगे पुल

दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि टेढ़ी पुलिया और सीतापुर रोड पर मडिय़ांव से आइआइएम रोड तिराहे तक पुल का निर्माण जून के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। इसका भी शिलान्यास सात मार्च को किया गया था। जिसमें टेंडर प्रक्रिया पूरी होने को है। 

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Posted By: Divyansh Rastogi

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