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    Lucknow Custodial Death: 'बेटे को तड़पा-तड़पा कर मार डाला', मोह‍ित की मां ने रोते-ब‍िलखते हुए कही ये बातें?

    Updated: Mon, 28 Oct 2024 10:49 AM (IST)

    चिनहट पुलिस की कस्टडी में मारे गए कारोबारी मोहित की मां से रविवार दोपहर बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला मिलने पहुंचे। इस पर मोहित की मां ने उनसे कहा कि बेटे को तड़पा-तड़पा कर मार डाला। अब उन लोगों की आवाज दबाई जा रही है। विधायक ने परिवार को समझाया और एक लाख रुपये नकद सहायता राशि दी है। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया।

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    विभूतिखंड स्थित मंत्री आवास के पास मोहित के परिवारीजन प्रदर्शन करते हुए।- जागरण

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। चिनहट पुलिस की कस्टडी में मारे गए कारोबारी मोहित के परिजन रविवार सुबह सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग को लेकर गोमतीनगर स्थित मंत्री आवास पहुंच गए। सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। उनका साथ देने के लिए सपा नेता पूजा शुक्ला अपने सहयोगियों के साथ पहुंच गईं। पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी को हटाया। इससे पहले शनिवार देर रात परिवार वालों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। घंटों चले प्रदर्शन के बाद पुलिस उपायुक्त पूर्वी शशांक सिंह ने चिनहट कोतवाली के इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज करवाया था। एफआईआर कॉपी मिलने के बाद प्रदर्शन खत्म हो पाया था।

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    मृतक मोहित की मां से रविवार दोपहर बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला मिलने पहुंचे। इस पर मोहित की मां ने उनसे कहा कि बेटे को तड़पा-तड़पा कर मार डाला। अब उन लोगों की आवाज दबाई जा रही है। विधायक ने परिवार को समझाया और एक लाख रुपये नकद सहायता राशि दी है। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया है।

    छह सौ रुपये के लिए हुई थी पूरी लड़ाई

    पूरा मामला आदेश और मोहित के झगड़े से शुरू हुआ था। आदेश, मोहित का कर्मचारी था, जो माल ले जाता था। पूरा मामला महज छह सौ रुपये के लिए हुआ था, जिसको लेकर दोनों में मारपीट हुई और आदेश ने पुलिस बुलाई। मोहित को पुलिस पकड़कर थाने ले गई। भाई शोभाराम छुड़ाने पहुंचा तो उसे भी लॉकअप में बंद कर दिया। शोभाराम ने बताया, रात में पुलिस ने मोहित और उनकी पिटाई की, जिससे मोहित की मौत हो गई।

    पुलिस हिरासत में हुई मौतों के मामले में विपक्ष ने सरकार को घेरा

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अलग-अलग घटनाओं में उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में हुई दो युवकों की मौत पर सरकार को घेरा है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर प्रियंका ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। भाजपा ने प्रदेश में जंगलराज कायम कर दिया है। पुलिस क्रूरता का पर्याय बन चुकी है। जहां कानून के रखवाले ही जान ले रहे हों, वहां जनता न्याय की उम्मीद किससे करे।

    अखिलेश ने ‘एक्स’ पर लिखा है कि प्रदेश की राजधानी में 16 दिनों में पुलिस हिरासत में दो युवकों की मौत हुई है। नाम बदलने में माहिर सरकार को अब पुलिस हिरासत का नाम बदलकर ‘अत्याचार गृह’ रख देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की हर मांग पूरी होनी चाहिए। सपा पीड़ित परिवार के साथ है।

    मायावती ने क्‍या कहा?

    बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत की घटना की निंदा की है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा है कि लखनऊ में पुलिस हिरासत में व्यापारी मोहित पांडेय की हुई मौत की घटना पर परिवार व लोगों में आक्रोश व्याप्त होना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की भी मांग की है।