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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lucknow: एसजीपीजीआई में बनेगा चिल्ड्रन हॉस्पिटल, सलोनी हार्ट फाउंडेशन की फाउंडर ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

By Anand MishraEdited By: Shivam Yadav
Published: Sun, 12 Feb 2023 07:23 PM (IST)

सलोनी हार्ट फाउंडेशन एसजीपीजीआई में कंजेनाइटल हार्ट डिजीज से ग्रसित शिशुओं के लिए चिल्ड्रन हॉस्पिटल बनाएगा। हार्ट फाउंडेशन की फाउंडर ...और पढ़ें

सलोनी हार्ट फाउंडेशन, एसजीपीजीआई में कंजेनाइटल हार्ट डिजीज से ग्रसित शिशुओं के लिए चिल्ड्रन हॉस्पिटल बनाएगा।
सलोनी हार्ट फाउंडेशन, एसजीपीजीआई में कंजेनाइटल हार्ट डिजीज से ग्रसित शिशुओं के लिए चिल्ड्रन हॉस्पिटल बनाएगा।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो: सलोनी हार्ट फाउंडेशन, एसजीपीजीआई में कंजेनाइटल हार्ट डिजीज से ग्रसित शिशुओं के लिए चिल्ड्रन हॉस्पिटल बनाएगा। हार्ट फाउंडेशन की फाउंडर मृणालिनी सेठी और उनके पति हिमांशु सेठी ने रविवार को मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ से मुलाकात के क्रम में यह प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने सलोनी हार्ट फाउंडेशन के प्रस्ताव का स्वागत किया और सरकार की तरफ से उन्हें सहयोग का भरोसा दिलाया। चिल्ड्रन हाॅस्पिटल के लिए सलोनी फाउंडेशन 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।

सलोनी फाउंडेशन शुरुआती चरण में 30 बेड से यूनिट की शुरुआत करेगी। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद दूसरे चरण में 100 और तीसरे चरण में यूनिट का विस्तार 200 बेड तक किया जाएगा। अस्पताल की स्थापना से प्रतिवर्ष कंजेनाइटल हार्ट डिजीज से ग्रसित पांच हजार बच्चों की सर्जरी और 10 हजार बच्चों का इलाज संभव हो सकेगा। इस यूनिट के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद बीएचयू के साथ मिलकर सलोनी हार्ट फाउंडेशन एक और यूनिट का भी निर्माण करेगी। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे हार्ट डिजीज के साथ जन्म लेते हैं। इनमें से बहुत से शिशुओं को पहले ही साल में ही हार्ट डिजीज सर्जरी की आवश्यकता होती है। इलाज न मिल पाने की वजह से इनमें से कई शिशुओं की मौत हो जाती है। इसे देखते हुए एसजीपीजीआई में शीघ्र सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी यूनिट का निर्माण किया जाए।