डिजिटल अरेस्ट से ठगी रोकने की पहल, एफडी तुड़वाने से पहले बैंक से मदद लेगी पुलिस
लखनऊ में बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट से ठगी से बचाने के लिए बैंक अब सतर्कता बढ़ाएंगे। बैंककर्मी एफडी तुड़वाने वाले ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्गों की जिंदगी भर की जमा-पूंजी लूटने वाले साइबर जालसाजों पर शिकंजा कसने के लिए अब बैंकिंग स्तर पर भी सतर्कता बढ़ाने की तैयारी है। साइबर क्राइम सेल बैंक के नोडल अधिकारियों से पत्राचार कर अपील करेगा कि यदि कोई बुजुर्ग अचानक बड़ी रकम की एफडी तुड़वाकर खाते से पैसा निकालने या दूसरे खाते में भेजने की कोशिश करें तो बैंककर्मी उससे कारण पूछें। जरूरत पड़ने पर उसके किसी परिचित या स्वजन को बुलाकर तस्दीक कराई जाए। परिचित उपलब्ध न हो तो संबंधित थाने को सूचना दी जाए।
ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर बैंक की सतर्कता से ठगी रोकी जा सकती है। यदि रकम ट्रांसफर हो भी गई है तो तत्काल पुलिस को सूचना मिलने पर उसे फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को जागरूक करने के लिए बैंकों के बाहर डिजिटल अरेस्ट से बचाव संबंधी पोस्टर भी लगाए जाएंगे। साइबर ठग बुजुर्गों को वीडियो काल पर पुलिस, एटीएस, सीबीआइ या ईडी का अधिकारी बनकर धमकाते हैं।
इसके बाद कहते हैं कि बैंक खाते या एफडी में जमा रकम की जांच होनी है और उसे बताए गए खाते में भेजना होगा। डर के कारण पीड़ित बैंक पहुंचकर एफडी तुड़वा देते हैं। ऐसे में बैंककर्मी यदि कुछ मिनट बातचीत कर कारण समझें और जरूरत पर परिवार या पुलिस से संपर्क करें तो बड़ी रकम ठगों तक पहुंचने से बच सकती है।
एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक, बैंक के नोडल से पत्राचार किया जाएगा कि बैंककर्मी ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनसे बातचीत करें। उनको डिजिटल अरेस्ट के बारे में जानकारी दें, अगर वह किसी जाल में फंसा होगा तो तुरंत बताएगा।
हाल के महीनों में डिजिटल अरेस्ट के कई मामले सामने आए हैं।
- 27 मार्च 2026: गोमतीनगर विस्तार के 76 वर्षीय कैंसर पीड़ित15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। 1.29 करोड़ रुपये ठगे थे।
- 7 मार्च 2026: जानकीपुरम के 85 वर्षीय बुजुर्ग को 27 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। उनसे करीब 84.50 लाख रुपये ठगे गए।
- 23 जुलाई 2026: लालबाग के सेवानिवृत्त एफसीआइ कर्मचारी को 19 दिन तक धमकाया गया। दंपती से 42 लाख रुपये ठग लिए गए।
- 11 सितंबर 2026: फैजुल्लागंज निवासी 73 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट किया। फिर 34 लाख रुपये ठगे।
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बचाव की एडवाइजरी:
- पुलिस, सीबीआइ, ईडी या कोई अन्य जांच एजेंसी वीडियो काल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर एफडी न तुड़वाएं और न रकम किसी खाते में भेजें।
- ऐसे फोन पर तुरंत परिवार के सदस्य या भरोसेमंद परिचित को बताएं।
- बैंक में बड़ी रकम निकालने से पहले कर्मचारी को पूरी बात बताएं।
- ठगी होने पर तत्काल 1930 पर काल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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