यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लखनऊ एयरपोर्ट का नया टर्मिनल तीन साल में, ये सुविधाएं होंगी खास
दिल्ली की तर्ज पर मिलेगी इन लाइन बैगेज हैंडलिंग की सुविधा घरेलू और विदेशी यात्रियों के लिए होंगे अलग-अलग काउंटर। ...और पढ़ें

लखनऊ, [निशांत यादव]। दिल्ली की तर्ज पर लखनऊ एयरपोर्ट पर बनने वाला टर्मिनल 3 कई आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें यात्रियों को अपने सामान की एक्सरे जांच के लिए लाइन नहीं लगानी होगी। इसके लिए यहां पर इन लाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें बोर्डिग काउंटर पर ही यात्री को अपना सामान जांच के लिए देना होगा। कुल 1383 करोड़ रुपये की लागत से तीन साल में टर्मिनल बनकर तैयार होगा।
टर्मिनल 3 कोलकाता एयरपोर्ट की तरह होगा, जहां प्रस्थान के लिए सीधे ओवरब्रिज से वाहन जाएंगे, जबकि आगमन भूतल पर होगा। टर्मिनल 3 भवन 84 हजार वर्ग मीटर पर बनेगा। इसमें 20 हजार वर्ग मीटर का बेसमेंट, पांच हजार वर्ग मीटर का सर्विस एरिया और टर्मिनल दो को जोड़ने वाला भवन छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बनेगा। पीक टाइम में एक समय पर चार हजार यात्री टर्मिनल 3 में अपनी यात्र शुरू कर सकेंगे। इसमें 3200 घरेलू और आठ सौ अंतरराष्ट्रीय यात्री होंगे। यहां 30 लिफ्ट और पांच एस्केलेटर होंगे।
यात्रियों के लिए 14 एयरोब्रिज होंगे। घरेलू यात्रियों के लिए 60 चेक इन काउंटर और 12 कियॉस्क, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 15 चेक इन काउंटर और तीन कियॉस्क होंगे। आगमन पर 20 इमिग्रेशन काउंटर और प्रस्थान के लिए 16 इमिग्रेशन काउंटर होंगे।
कस्टम प्रक्रिया के लिए 37 ग्रीन डेस्क और 16 रेड डेस्क होंगी। एयरलाइन के लिए टिकट बेचने के 20 काउंटर होंगे। टर्मिनल में 12 घरेलू और दो इंटरनेशनल सुरक्षा गेट होंगे। चार घरेलू और एक इंटरनेशनल बस लाउंज की सुविधा होगी।
ये सुविधाएं भी होंगी खास
बिल्डिंग में चाइल्ड केयर रूम, प्राथमिक चिकित्सा, स्मोकिंग चेंबर, विश्रमालय और ड्यूटी फ्री शॉप होंगी। दिव्यांगजन के लिए अलग से रैंप, 15 सौ कारों की मल्टीलेवल पार्किंग के साथ रूमी गेट जैसी लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत भी इसमें झलकेंगी।
