लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के आगरा में लव जिहाद का हाई प्रोफाइल मामला सामने आया है। लखनऊ के मुस्लिम युवक ने नाम बदलकर पूर्व आइएएस की विधवा बेटी से वर्ष 2010 में आर्य समाज पद्धति से शादी कर ली। एक साल बाद असलियत सामने आने पर दबाव बनाकर उसका अजमेर में मतांतरण (धर्म परिवर्तन) करा दिया। साथ ही शादी के ग्यारह वर्ष तक पत्नी का उसके पूर्व पति के होटल में रहकर शारीरिक और मानसिक शोषण करता रहा। शनिवार को मारपीट करने पर पीड़िता ने आगरा के सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। महिला के चाचा यूपी में पुलिस विभाग में उच्च पद पर रहे हैं, वर्तमान में राजनीतिज्ञ हैं।

महिला की पूर्व में आगरा के एक प्रतिष्ठित परिवार में शादी हुई थी। वर्ष 2005 में उसके पति की मृत्यु हो गई। इसके बाद महिला ससुर व बेटी के नाम होटल को संचालित करने लगी। महिला के पिता का भी देहांत हो चुका है। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, महिला को वर्ष 2010 में लखनऊ में आयोजित एक पार्टी में जाना पड़ा था। जहां उसकी मुलाकात लखनऊ के राजाजी पुरम ताल कटोरा निवासी आरिफ हाशमी से हुई थी। आरिफ ने अपना नाम आदित्य आर्य और खुद को टिंबर का बड़ा कारोबारी बताया और महिला को अपने साथ कारोबार करने का झांसा दिया।

इसी बहाने वह आगरा में महिला के घर आने लगा। एक दिन किसी पार्टी में आरोपित ने महिला के टीका लगाते हुए योजनाबद्ध तरीके से फोटो खिंचा लिया, जिसमें वह मांग भरता प्रतीत हो रहा है। इस फोटो से बदनाम करने का डर दिखाकर वह समय-समय पर धन ऐंठने लगा। आरोपित ने दबाव बनाकर महिला से आर्यसमाज पद्धति से शादी कर ली। एक वर्ष बाद असली नाम आरिफ हाशमी पता चलने पर आरोपित ने महिला से भी मतांतरण करने को कहा। घर में रखा मंदिर भी फेंक दिया। शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण करता रहा।

दबाव बनाकर अजमेर ले जाकर मतांतरण करा लिया और महिला का नाम आइशा हाशमी रख दिया। आरिफ से शादी होने के बाद भी महिला यहां पूर्व ससुराल में रहती रही। उसके साथ आरिफ भी होटल में ही रहने लगा। आरिफ ने महिला से होटल से होने वाली कमाई भी हड़प ली और महिला को यातनाएं देने लगा। महिला की लखनऊ में रहने वाली मां को जान से मारने की धमकी देता था। शनिवार को मारपीट करने पर महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने दुष्कर्म, धोखाधड़ी, विधि विरुद्ध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्जकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर सदर अजय कौशल ने बताया कि आरोपित को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

आरिफ का उमर गौतम से कनेक्शन तलाश रही एटीएस : पूर्व आइएएस की बेटी को लव जिहाद के जाल में फंसाने वाला आरिफ हाशमी कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। वह नाम बदलकर शादी करता था, फिर युवती का मतांतरण करा देता था। गोरखपुर और आगरा के दो मामले सामने आ चुके हैं। कई अन्य युवतियों के भी इसके जाल में फंसने की आशंका है। मतांतरण का गैंग चलाने वाले उमर गौतम से कनेक्शन की आशंका पर आरिफ से एटीएस की टीम ने भी सदर थाने में पूछताछ की। अभी उसके बारे में और छानबीन की जा रही है।

गोरखपुर की हिंदू युवती से राणा सिंह बनकर की थी शादी : मूलरूप से गोरखपुर के तिवारीपुर थाने के घसी कटरा के रहने वाले आरिफ हाशमी ने पुलिस को बताया कि 25 वर्ष पहले उसने गोरखपुर की हिंदू युवती से राणा सिंह बनकर दोस्ती की थी। उससे आर्य समाज पद्धति से शादी कर ली। युवती का मतांतरण करा दिया। बेटा पैदा होने पर उसका नाम अजमत हाशमी रखा। छह वर्ष बाद युवती को तलाक दे दिया। गोरखपुर में उसकी मां का इंतकाल हो चुका है। सौतेले पिता व अन्य स्वजन रहते हैं। स्वजन से विवाद होने पर आरिफ खुद लखनऊ आकर रहने लगा।

लव जिहाद के जाल में फंसाने की बात स्वीकारी : आरिफ हाशमी ने पुलिस को बताया कि पहली पत्नी से तलाक होने के बाद आगरा की होटल संचालिका और रिटायर्ड आइएएस अधिकारी की बेटी को उसने लखनऊ में एक पार्टी में आदित्य आर्य बनकर जाल में फंसाया। दोस्ती की फिर वर्ष 2010 में आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। एक वर्ष बाद उसे अजमेर शरीफ ले जाकर मतांतरण करा दिया। अभी आरिफ ने केवल दो युवतियों को लव जिहाद के जाल में फंसाने की बात स्वीकारी है। छानबीन में पुलिस को जानकारी मिली है कि अब तक वह पांच-छह युवतियों को फंसा चुका है। अभी उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

25 साल पहले छोड़ दिया था गोरखपुर : लव जिहाद के मामले में आगरा से गिरफ्तार किए गए आरिफ हाशमी का गोरखपुर से भी गहरा रिश्ता है। वह लखनऊ के हाशमी परिवार से संबंध रखता है। उसके पिता की मौत के बाद मां ने गोरखपुर के बेग परिवार में दूसरी शादी कर ली थी। बड़े होने पर सौतेले पिता से नहीं पटने पर वह 1996 में गोरखपुर छोड़कर लखनऊ चला गया था। सगे पिता का लखनऊ में फर्नीचर कारोबार था, जिसे नए सिरे से शुरू कर वह फर्नीचर का बड़ा कारोबारी बन गया। पूर्व आइएएस की बेटी से शादी करने के बाद वह आगरा में रहने लगा था।

गोरखपुर जंक्शन के सामने खोली थी ट्रेवेल एजेंसी : गोरखपुर में आरिफ हाशमी का परिवार तिवारीपुर इलाके में रहता है। मां के जीवित रहने पर वह गाहे-बगाहे गोरखपुर आता था। दो माह पहले मां का इंतकाल हो गया था, तब जनाजे में शामिल होने आया था। सौतेले पिता से उसका रिश्ता कभी ठीक नहीं रहा। होश संभालने के साथ ही पिता से उसकी दूरी बढ़ती गई। विद्यार्थी जीवन में खर्च चलाने के लिए गोरखपुर जंक्शन के सामने उसने ट्रेवेल एजेंट का काम शुरू किया। इस दौरान उसने कई बड़े पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से गहरे रिश्ते बना लिए।

विधानसभा चुनाव लड़ने की कर रहा था तैयारी : लखनऊ में उसके सगे पिता के फर्नीचर के कारोबार को कुछ लोगों ने हथिया रखा था। 1996 में लखनऊ पहुंचने के बाद अधिकारियों से संबंध का लाभ उठाकर पिता के कारोबार को हासिल किया। बताया जाता है कि करीब 12 साल पहले उसने परिवार को बिना बताए पूर्व जिलाधिकारी की बेटी से लखनऊ में शादी की। मां समेत बेग परिवार को इसकी जानकारी दो साल बाद हुई। बाद में वह समाजवादी पार्टी से जुड़ गया। 2017 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर ग्रामीण से चुनाव लड़ने की तैयारी की थी, लेकिन टिकट नहीं मिला।

Edited By: Umesh Tiwari