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Lok Sabha Election 2024: छठे चरण के चुनाव में NDA और I.N.D.I.A की हैं चुनौत‍ियां और तैयार‍ियां, पढ़ें ये र‍िपोर्ट

छठे चरण की 14 सीटों में 10 भाजपा व चार बसपा के पास हैं। 2019 में सपा ने आजमगढ़ सीट जीती तो थी मगर 2022 के उपचुनाव में वह भाजपा से हार गई थी। इन 14 सीटों में सपा 12 कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस एक-एक सीट पर लड़ रही है। वहीं भाजपा सभी 14 सीटों पर किस्मत आजमा रही है। राज्य ब्यूरो के विशेष संवाददाता शोभित श्रीवास्तव की रिपोर्ट...

By Jagran News Edited By: Vinay Saxena Published: Wed, 22 May 2024 09:25 AM (IST)Updated: Wed, 22 May 2024 09:25 AM (IST)
लोकसभा चुनाव में छठे चरण में राजग और आईएनडीआईए के सामने चुनौत‍ियां भरपूर।

शोभि‍त श्रीवास्‍तव, राज्‍य ब्‍यूरो। छठे चरण में भाजपा के लिए न सिर्फ अपना प्रदर्शन दोहराने और अधिक सीटें पाने की चुनौती है तो छोटे दलों के साथ मिलकर 2022 के विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाली सपा की चुनौतियां तो और भी बड़ी हैं। जिस सुभासपा व जनवादी पार्टी की बदौलत सपा ने अपना परचम लहराया था अब वे भाजपा के खेमे में हैं।

अपना दल कमेरावादी की पल्लवी पटेल ने भी सपा से नाराज होकर असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर पीडीएम (पिछड़ा, दलित, मुस्लिम) न्याय मोर्चा बनाया है। इसके प्रत्याशी भी मैदान में हैं। पिछले चुनाव में इन 14 सीटों में सपा के साथ गठबंधन कर बसपा 11 सीटों पर लड़ी थी और उसमें से चार सीटें अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, लालगंज व जौनपुर में जीती थी। सपा फूलपुर, इलाहाबाद व आजमगढ़ में चुनावी लड़ी थी। इसमें केवल आजमगढ़ सीट पर उसे जीत मिली थी, हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में करहल से जीतने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यहां से त्यागपत्र दे दिया था।

बसपा के ल‍िए अपना प्रदर्शन दोहरा पाना आसान नहीं

उपचुनाव में अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ से हार गए थे। बसपा इस बार अकेले लड़ रही है, ऐसे में उसके लिए भी अपना प्रदर्शन दोहरा पाना आसान नहीं है। सुलतानपुर भाजपा के लिए मजबूत सीट है। यहां मेनका गांधी फिर मैदान में हैं। सपा ने यहां से रामभुआल निषाद को उतारा है। पांच विस क्षेत्रों में से चार भाजपा व एक सपा के पास है। प्रतापगढ़ सीट पर भाजपा के संगमलाल गुप्ता दूसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं। यहां से सपा ने पूर्व एमएलसी एसपी सिंह पटेल को टिकट दिया है। दोनों दलों के बीच सीधी टक्कर है। यहां पांच विस सीटों में दो सपा, कांग्रेस, भाजपा व अपना दल के पास एक-एक है।

फूलपुर सीट पर प्रवीण पटेल पर जताया भरोसा

फूलपुर सीट में भाजपा ने तीन बार के विधायक प्रवीण पटेल पर भरोसा जताया है। सपा ने अमरनाथ मौर्य को टिकट दिया है। पांच विस सीटों में चार में भाजपा व एक में सपा का कब्जा है। इलाहाबाद में लड़ाई रोचक होगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी के बेटे नीरज त्रिपाठी को भाजपा ने टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने सपा के दिग्गज नेता कुंवर रेवती रमण सिंह के बेटे उज्ज्वल रमण सिंह को मैदान में उतारा है।

श्रावस्ती में भाजपा ने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के पुत्र साकेत मिश्र पर भरोसा जताया है जबकि सपा ने बसपा के सांसद राम शिरोमणि वर्मा को टिकट दिया है। डुमरियागंज से भाजपा ने जगदंबिका पाल को उतारा है।

सपा ने पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे और संतकबीर नगर से दो बार सांसद रहे भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी को टिकट दिया है। यहां की पांच विधानसभा सीटों में सपा व भाजपा के पास दो-दो व सीट अपना दल के पास है। बस्ती सीट में भाजपा ने हरीश द्विवेदी को फिर से टिकट दिया है। सपा ने राम प्रसाद चौधरी पर भरोसा जताया है। चौधरी पिछला चुनाव बसपा व सपा गठबंधन से लड़े थे और 30,354 वोटों से हार गए थे। यहां की पांच विधानसभा सीटों में तीन में सपा व एक-एक सीट भाजपा व सुभासपा के पास है।

संतकबीर नगर से भाजपा ने सुभासपा प्रमुख संजय निषाद के पुत्र व सांसद प्रवीण निषाद पर फिर से भरोसा जताया है। सपा ने भी निषाद समाज के लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद को उतारा है। यहां की पांच विधानसभा में से तीन भाजपा व एक-एक सुभासपा व सपा के पास है।

जौनपुर सीट भाजपा के ल‍िए प्रत‍िष्‍ठा का प्रश्न   

जौनपुर सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है। भाजपा ने कृपाशंकर सिंह को उतारा है जबकि बसपा ने धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला का टिकट काट सांसद श्याम सिंह यादव को फिर मौका दिया है। सपा ने बाबू सिंह कुशवाहा को मैदान में उतारा है। विधानसभा सीटों पर सपा व भाजपा के पास दो-दो व एक निषाद पार्टी के पास है। मछलीशहर में भाजपा ने फिर से बीपी सरोज और सपा ने प्रिया सरोज को मैदान में उतारा है। पांच विधानसभा क्षेत्रों में दो में सपा व भाजपा, सुभासपा व अपना दल के एक-एक विधायक हैं।

सभी विधानसभा सीटें सपा के पास

आजमगढ़, लालगंज व अंबेडकरनगर लोस क्षेत्रों की सभी 15 विस सीटें सपा के पास हैं। लालगंज में भाजपा ने नीलम सोनकर जबकि सपा ने दो बार सांसद रहे दरोगा प्रसाद सरोज को मैदान में उतारा है। अंबेडकरनगर में भाजपा ने बसपा छोड़कर आए सांसद रितेश पांडेय को प्रत्याशी बनाया है जबकि सपा ने विधायक लालजी वर्मा को टिकट दिया है।

भदोही सीट से जुड़ी ममता की प्रतिष्ठा

भदोही में तृणमूल कांग्रेस चुनाव लड़ रही है, जिस वजह से इस सीट से ममता की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। सपा ने यह सीट उसे दी है। यहां से ललितेश पति त्रिपाठी मैदान में हैं। अखिलेश ने प्रचार भी किया है। भाजपा ने विनोद कुमार बिंद व बसपा ने हरिशंकर चौहान को उतारा है। पांच विस सीटों में तीन सपा व एक-एक सीट भाजपा व निषाद पार्टी के पास है।


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