लखनऊ। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर से संबद्ध लखीमपुर कृषि महाविद्यालय में इस साल प्रवेश लेने वाले छात्रों की कक्षाएं विश्वविद्यालय परिसर में ही लगेंगी। लखीमपुर में कृषि महाविद्यालय के लिए बनाई गई इमारत में बिजली की दिक्कत है वहीं शिक्षकों की कमी भी इस परिसर में कक्षाओं के बीच दीवार बनी है। सत्र २०१५-१६ में प्रवेश लेने वाले छात्रों की पढ़ाई सीएसए परिसर में शुरू हो चुकी है जबकि शिक्षकों की कमी व महाविद्यालय की स्थिति को देखते हुए अगले सत्र की पढ़ाई भी सीएसए में होने की संभावना है। इस साल उत्तर प्रदेश संयुक्त कृषि प्रवेश परीक्षा के आधार पर कानपुर व इटावा के साथ लखीमपुर में बनाए गए नए महाविद्यालय में भी छात्रों को प्रवेश दिया गया है।

बनाई रूपरेखा

विश्वविद्यालय प्रशासन ने लखीमपुर कृषि महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों की कक्षाएं दिसंबर माह तक लगवाने की योजना बनाई है। विश्वविद्यालय के डीन एग्रीकल्चर प्रो. समीर पाल ने बताया कि इस सत्र की परीक्षाएं सीएसए में ही होंगी। इसके साथ ही लखीमपुर के कृषि महाविद्यालय की इमारत व बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराने का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले वर्ष तक वहां पर कक्षाएं लगनी शुरू हो जाएंगी।

विज्ञापन पर फंसा पेंच

लखीमपुर कृषि महाविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन में पेंच फंस गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस विज्ञापन में संशोधन करके उसे बदलने की योजना है। दूसरा विज्ञापन कब निकलेगा इस पर अभी विचार नहीं किया गया है। इस साल लखीमपुर कृषि महाविद्यालय में ६० सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की गई थी।

Posted By: Nawal Mishra