लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू में अति गंभीर रोगियों के इलाज के लिए व्यवस्था पूरी कर ली गई है। आइसोलेशन वार्ड में वेंटिलेटर का इंस्टॉलेशन कर दिया गया है। अब मरीज की हालत बिगड़ने पर दुश्वारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

केजीएमयू में 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। वहीं 440 बेड का क्वारंटाइन वार्ड है। अभी तक वार्ड में वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं थी। वहीं बुधवार को आइसोलशन वार्ड में वेंटिलेटर इंस्टॉल कर दिए गए हैं। मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉ. विरेंद्र आतम के मुताबिक आइसोलेशन में 21 वेंटिलेटर लगा दिए गए हैं। ऐसे में अति गंभीर मरीजोें काे तत्काल वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया जा सकेगा। अति गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर के लिए दुश्वारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

संदिग्ध गंभीर रोगियों के लिए चार वेंटिलेटर

21 वेंटिलेटर संक्रामक रोग यूनिट में लगाए गए हैं। वहीं न्यूरोलॉजी विभाग में ट्राॅएज एरिया बनाया गया है। इसमें नौ बेड की यूनिट बनाई गई है। यहां सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इनलेस (सारी) के मरीज भर्ती किए जाएंगे। अति गंभीर सांस के रोगी या संदिग्ध कोरोना के मरीज को भर्ती किया जाएगा। इनकी कोरोना की जांच की जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किए जाएंगे। वहीं नि गेटिव आने पर अन्य वार्ड में शिफ्ट किए जाएंगे।

होटल पहुंची पहली टीम, हुआ स्वागत

केजीएमयू में कोरोना की पहली टीम क्वारंटाइन के लिए होटल पहुंची। इससे पहले टीम गेस्ट हाउस में रुकती थी। इस दौरान होटल कर्मियों ने कोरोना वा िरयर्स का जोरदार स्वागत किया। 22 सदस्यीय टीम 14 दिन तक क्वारंटाइन में रहेगी। इस दौरान दूसरी टीम ड्यूटी पर रहेगी।

 

Posted By: Anurag Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस