Kanwar Yatra 2025 : उत्तर प्रदेश में महिला कांवड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात होंगी दस हजार पुलिसकर्मी
Kanwar Yatra 2025 कांवड़ यात्रा में करीब 60 से 70 लाख महिला श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने महिला केंद्रित सुरक्षा माडल को लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस बार महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क पर महिला सिपाहियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार कांवड़ यात्रा के रूट पर महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए दस हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 8,541 महिला मुख्य आरक्षी और 1,486 महिला उपनिरीक्षक शामिल हैं। वहीं पुलिस की ओर से प्रदेशभर में कांवड़ यात्रा के लिए 66 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी लगभग 15 प्रतिशत है।
कांवड़ यात्रा में इस बार उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से करीब छह करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है। कांवड़ यात्रा में करीब 60 से 70 लाख महिला श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने महिला केंद्रित सुरक्षा माडल को लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस बार महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क पर महिला सिपाहियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। कई जिलों में महिला स्वयंसेवी संगठनों की मदद से शक्ति हेल्प बूथ भी स्थापना किए गए हैं।
कांवड़ यात्रा में महिला श्रृद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश की सभी क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) में महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। रात के समय सभी क्यूआरटी में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर क्यूआरटी के गश्त को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रदेश में 11 जोन में बनाए गए हैं। वहीं विशेष कंट्रोल रूम के माध्यम से हेल्पलाइन नंबरों को भी महिला पुलिस कर्मियों के माध्यम से मानीटर किया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा मार्गों को लेकर बनाए गए जोन में महिला श्रद्धालुओं के लिए 150 से अधिक हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई हैं। कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों में से मेरठ जोन में सबसे अधिक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां 3,200 महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद जिलों में जगह-जगह महिला पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालुओं की मदद के लिए तैनात की गई हैं। वहीं ड्रोन से निगरानी, सीसीटीवी और इंटरनेट मीडिया निगरानी जैसे डिजिटल उपायों से भी सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है।
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