यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Protest in Lucknow: जलनिगम कर्मियों ने किया प्रदर्शन, पुलिस ने रैली निकालने की मंशा पर फेरा पानी
पांच माह से वेतन व पेंशन न मिलने से नाराज जलनिगम कर्मी आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारी जलनिगम का दो ...और पढ़ें

लखनऊ, जागरण संवाददाता। रैली निकालकर विरोध दर्ज करने की जलनिगम कर्मियों की मंशा पर पुलिस ने पानी फेर दिया। पुलिस ने जलनिगम मुख्यालय से हजरतगंज की तरफ से जाने वाली सड़क को बल्लियों से घेर दिया। प्रदेश के कई जिलों से एकत्र करीब तीन हजार कर्मचारी मुख्यालय पर ही प्रदर्शन कर रहे हैं। जलनिगम के कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रशासन दमनकारी नीति को अपना रहा है और जिलों से लखनऊ आ रहे कर्मचारियों को वहीं पर ही पुलिस ने रोक दिया है। हालांकि जलनिगम प्रशासन ने प्रदर्शन व रैली पर रोक लगाने का आदेश बुधवार को ही जारी कर दिया था।
पांच माह से वेतन व पेंशन न मिलने से नाराज जलनिगम कर्मी आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारी जलनिगम का दो विभाजन किए जाने का भी विरोध कर रहे हैं। बुधवार को अपर मुख्य सचिव नगर विकास से सवा घंटे चली वार्ता का कोई सार्थक परिणाम न निकलने पर ही जलनिगम कर्मियों ने रैली निकालने का निर्णय लिया था और दावा था कि प्रदेश भर से दस हजार कर्मचारी जुटेंगे। अपर मुख्य सचिव से वार्ता में जलनिगम को दो भागों में विभाजन करने के आदेश को रद करने की मांग की गई थी। इसी तरह पांच माह का वेतन व पेंशन का भुगतान करने की मांग पर एक माह का भुगतान 13 सितंबर को किए जाने का आश्वासन अपर मुख्य सचिव की तरफ से दिया गया।
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समिति के मीडिया प्रभारी अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि शासन के अधिकारी साजिशन ही मामले को लटकाना चाहते हैं। वेतन व पेंशन न मिलने से कर्मचारियों के सामने भूखमरी की समस्या खड़ी हो गई है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि जल निगम वर्तमान में प्रबंधन के कुव्यवस्था और अनियमिताओं के कारण पांच माह से वेतन और पेंशन नहीं दे रहा है। वर्ष 2016 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देयकों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जल निगम के पुनर्गठन के नाम पर विभाजन सम्बंधी आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए। जल निगम के विभिन्न विभागों पर बकाया सेंटेज 1474 करोड़ की देनदारी दस दिनों अंदर अवमुक्त करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए थे, लेकिन अधिकारी इसका पालन नहीं करा रहे हैं।
कर्मचारी राणा प्रताप मार्ग स्थित जलनिगम मुख्यालय से दोपहर एक बजे हजरतगंज सरदार पटेल प्रतिमा स्थल तक जाएंगे। हालांकि पुलिस के अधिकारी रैली न निकालना चाहते थे, लेकिन बुधवार रात से ही पुलिस ने रैली न निकालने का दबाव बनाया। दमनकारी नीति सरकार अपना रही है और बाहर से लखनऊ आ रहे कर्मचारियों को उसी जिलों में रोका गया। लखनऊ में जलनिगम मुख्यालय को भी पुलिस ने घेर रखा है।