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Jagran Samvadi 2025: लखनऊ में आपकाे आमंत्रित कर रहा ''संवादी'', अभिव्यक्ति के उत्सव में आज से आइए

By Mahendra Pandey Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Wed, 05 Nov 2025 06:29 PM (IST)

Jagran Samvadi 2025-Festival of Expression: अभिव्यक्ति के सतरंगी उत्सव 'संवादी' के मंच पर साहित्य, सिनेमा और कला-संस्कृति के विभिन्न आयाम ...और पढ़ें

लखनऊ में आपकाे आमंत्रित कर रहा ''संवादी''

लखनऊ में आपकाे आमंत्रित कर रहा ''संवादी''

HighLights

  1. लखनऊ विश्वविद्यालय में आज से शुरू होगा दो दिवसीय साहित्यिक उत्सव

  2. देश की कई शख्सियतों को सुनने का मिलेगा सुअवसर, दोनों दिन प्रवेश मुफ्त

जागरण संवाददाता, लखनऊ : साहित्य, लोक कला, सिनेमा, गीत-संगीत, धर्म, राजनीति और खान-पान में आपकी रुचि है तो संवादी आपके लिए ही है। लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में गुरुवार से दो दिनों तक यह उत्सव चलेगा। सभी सत्रों में प्रवेश मुफ्त है।

संवादी केवल साहित्यिक उत्सव नहीं, संवाद का खुला मंच भी है। न पक्ष न विपक्ष, यहां बातें निष्पक्ष होती हैं। अभिव्यक्ति के इस अनूठे उत्सव में साहित्य सहित विभिन्न विधाओं के पुरोधाओं से मिलकर खुशी होती है तो नवांकुरों से भेंट कर ऊर्जा का संचार होता है। प्रतीक्षा की अवधि पूरी हुई। 'संवादी' आपको आमंत्रित कर रहा है। सपरिवार और मित्रों सहित आइए और सतरंगी उत्सव में सराबोर हो जाइए।

अभिव्यक्ति के सतरंगी उत्सव 'संवादी' के मंच पर साहित्य, सिनेमा और कला-संस्कृति के विभिन्न आयाम दिखते हैं तो समाज के संवेदनशील मुद्दों पर मंच से दीर्घा तक विमर्श होता है। इस आयोजन के प्रांगण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी ही इसकी विशेषता है। देश, समाज और शहर का हर रंग इसके मंच बिखरता है तो श्रोताओं को बतकही का अनुपम आनंद मिलता है।

पहले दिन छह नवंबर को सुबह 11 बजे पद्मश्री से अलंकृत वरिष्ठ साहित्यकार डा. विद्या विंदु सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना, डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय व डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह उत्सव के दीप प्रज्वलित करेंगे। इसके बाद 'हिंदी हैं हम' सत्र में इन अतिथियों के साथ दैनिक जागरण के राज्य संपादक (उत्तर प्रदेश) आशुतोष शुक्ल संवाद करेंगे। दोपहर 12 बजे से पहले सत्र में 'अपराधकथा से रोमांस की जर्नी' पर निकलेंगे उपन्यासकार चेतन भगत। उनके हमराही होंगे कवि प्रो. द्वारिका उनियाल।

संवाद 'साहित्य के युवा चेहरे' के साथ आगे बढ़ेगा। दोपहर एक बजे से होने वाले इस सत्र का चेहरा कवि पारितोष त्रिपाठी, भाषाविद कमलेश कमल व उपन्यासकार भगवंत अनमोल होंगे। उनके साथ लेखक राहुल नील विमर्श करेंगे।

तीसरे सत्र में दोपहर दो बजे अभिनेता आदर्श गौरव 'वेब सीरीज की तिलिस्मी दुनिया' में उपस्थित होंगे। मनोज राजन उनके साथ चर्चा करेंगे। अगला सत्र 'साधना के 100 वर्ष' बयां करेगा। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल के साथ दैनिक जागरण के वरिष्ठ समाचार संपादक डा. भारतीय बसंत कुमार संवाद करेंगे।

पांचवें सत्र में अभिनेत्री कुबरा सैत स्मिता श्रीवास्तव के साथ 'सिनेमा और ओटीटी की चुनौतियां' साझा करेंगी। पहले दिन का छठा एवं अंतिम सत्र 'गुरु दत्त की फिल्मों का संगीत' सुनाएगा। इसमें संगीत के अध्येता यतीन्द्र मिश्र के साथ रेडियो जाकी युनूस खान गुरु दत्त के अनसुने किस्से साझा करेंगे।

एमजे अकबर और मालिनी अवस्थी सात काे होंगे आकर्षण का केंद्र
शुक्रवार का पहला सत्र 'महिलाओं की कलम की धार' तेज करेगा। सुबह 11 बजे से इस सत्र में लेखिका वर्तिका नंदा, अंकिता जैन व अनन्या अवस्थी के साथ आकृति विज्ञ अपर्ण संवाद करेंगी। दोपहर 12 बजे से दूसरे सत्र में 'मुगलों का ज्योतिष शास्त्र' दिखाएंगे वरिष्ठ संपादक और पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर। इस सत्र का संचालन दैनिक जागरण के अनंत विजय करेंगे।

दोपहर एक बजे से तीसरे सत्र 'कथा रंग' में अपनी अनूठी प्रस्तुतियों संग उपस्थित होंगे स्थानीय कलाकार सोम गांगुली, अनमोल मिश्र व चैतन्य श्रीवास्तव। इसी सत्र में कथारंग फाउंडेशन की नूतन वशिष्ठ, अनुपमा शरद और पुनीता अवस्थी कहानियाें का वाचन अभिनय की शैली में करेंगी।

चाैथा सत्र दोपहर दो बजे से 'अफसरों की रचनात्मक कलम' की आवाज बनेगा। इसमें ज्ञानेंद्र शुक्ल के साथ गजलकार व साहित्यकार हरि ओम, लेखक पार्थसारथी सेन गुप्ता व कवि मुकुल कुमार अपनी लेखनी के पीछे का किस्सा साझा करेंगे। दोपहर तीन बजे से पांचवां सत्र 'फिल्मी दुनिया की चुनौतियां' बताएगा। इसमें फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम के साथ दैनिक जागरण के अनंत विजय संवाद करेंगे।

छठे सत्र में शाम चार बजे से एवरेस्ट विजेता मेघा परमार 'एवरेस्ट गाथा' सुनाएंगी। शाम पांच से शुरू होने वाला सातवां सत्र 'छन्नू लाल जी की स्मृति में' होगा। इसमें लोकगायिका मालिनी अवस्थी, संगीत मर्मज्ञ यतीन्द्र मिश्र के साथ आत्म प्रकाश मिश्र छन्नू लाल मिश्र की यादों की पोटली खोलेंगे। आठवें एवं अंतिम सत्र में शाम छह बजे कलाकार अंजना चांडक 'द्रौपदी-गाथा' लेकर उपस्थित होंगी।