लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। इंटरनेट मीडिया पर यूं तो कई पुलिस अधिकारी अपनी भावनाएं साझा करते रहते हैं, लेकिन अपनी तैनाती को लेकर ट्वीट के जरिये कटाक्ष के बाद 2014 बैच के आइपीएस अधिकारी गौरव बंसवाल विवाद में घिर गए हैं। हाथरस के एसपी रह चुके गौरव बंसवाल ने ट्वीट कर एक साल से उन्हें कोई महत्वपूर्ण तैनाती न दिए जाने का दर्द बयां किया।

शुक्रवार रात को किए अपने ट्वीट में आइपीएस अधिकारी गौरव बंसवाल ने लिखा कि 'आज मैंने यूपी में नान कैडर पोस्ट पर एक साल पूरा कर लिया।' ट्वीट को भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद को भी टैग किया गया था, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। हालांकि चंद घंटों बाद ही वह ट्वीट डिलीट कर दिया गया और गौरव ने अपने ट्विटर हैंडल को भी डिएक्टिव कर दिया। वह करीब एक वर्ष से डीजीपी मुख्यालय में एसपी क्राइम के पद पर तैनात हैं। बताया गया कि वह एक पूर्व राज्यपाल के रिश्तेदार हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और गौरव बंसवाल ने बीते दिनों उनका ट्विटर अकाउंट हैक हो जाने की जानकारी दी है। एडीजी ने कहा कि पूरे मामले का परीक्षण कराया जाएगा। जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ आइपीएस अधिकारी गौरव ने भी बीती 12 मई को अपना ट्विटर अकाउंट हैक होने की बात कही है।

गौरव के ट्विटर हैंडल से किए गए विवादित ट्वीट में एक एक्टिविस्ट व कुछ अन्य लोगों को भी टैग किया था। इस ट्वीट पर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की नजर पड़ने के बाद पुलिस महकमे में चर्चाएं शुरू हो गईं और इसकी जानकारी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी तक भी पहुंची। दूसरी ओर ट्वीट डिलीट कर वह अकाउंट भी बंद कर दिया गया।

बताया गया कि गौरव बंसवाल प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कानपुर व कुशीनगर में एएसपी के पद पर तैनात रहे और इसके बाद उन्हें एसपी हाथरस बनाया गया था। हाथरस से हटने के बाद वह एसपी क्राइम के पद पर तैनात हैं। इससे पूर्व आइपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार व कुछ अन्य अधिकारी भी इंटरनेट मीडिया पर अपनी पोस्टों को लेकर विवादों से घिर चुके हैं। हालांकि इस मामले में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि आइपीएस अधिकारी का एकाउंट हैक हो गया और उससे शरारत की गई तो यह किसी साजिश का भी हिस्सा हो सकता है।

Edited By: Umesh Tiwari