Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    महंगाई की चौतरफा मार, लखनऊ में लोहे की पाइप और टिन चादर की कीमतों में उछाल, देखें- रेट लिस्ट

    By Vikas MishraEdited By:
    Updated: Tue, 19 Apr 2022 12:50 PM (IST)

    Russia News रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के चलते लगभग सभी वस्तुएं महंगी हो गई हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम सैकड़ा पार कर चुके हैं। इसी बीच लोहे की पाइप और टिन चादर के दामों में भी तेजी देखी जा रही है।

    Hero Image
    न केवल टिन प्रोफाइल पाइप महंगी हुई, बल्कि लोहे के पाइप के दाम आसमान छू रहे हैं।

    लखनऊ, [नीरज मिश्र]। इस्पात बाजार पर रूस-यू्क्रेन युद्ध का असर साफ नजर आ रहा है। हाल यह है कि छाया पर भी महंगाई का ग्रहण इस कदर दिख रहा है कि लोगों को शेड के लिए टिन की चादरें तक लेना आसान नहीं रह गया है। इस भीषण गर्मी में अब लोगों को छाया प्रदान करने वाली टिन की चादर (शीट-प्रोफाइल) तक इतनी महंगी हो गई हैं कि उसे खरीदना आमजन के लिए मुश्किल हो गया है। करीब बीस रुपये प्रति किलो का उछाल आया है। न केवल टिन प्रोफाइल पाइप महंगी हुई, बल्कि लोहे के पाइप तक की कीमतों में इजाफा हुआ है। आम आदमी इन महंगे पाइपों से तौबा करते हुए अब प्लास्टिक के पाइपों का इस्तेमाल बोरिंग आदि कार्यों में भी शुरू कर दिया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस्पात बाजार का हाल यह है कि अधिकतम 115 रुपये किलो तक बिकने वाली टिन की प्रोफाइल अब 135 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, लोहे के पाइप भी आमजन को खरीदना अब आसान नहीं रह गया है। कभी 65-70 रुपये तक बिकने वाला पाइप अब 85 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ब्रांडेड पाइप की कीमत 100 रुपये किलो का आंकड़ा पार कर गई है। ऐसा नहीं है कि जल्द ही इसके रेट गिरने के आसार हों।

          इस्पात                 रेट प्रति किलो मार्च माह      अब

    • टिन प्रोफाइल       115                                135
    • लोकल पाइप          70                                  85
    • ब्रांडेड                   80- 90                          100

    ज्यादातर बड़े ब्रांड रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से आई बड़ी डिमांड को देखते हुए अपनी ज्यादातर खेप यूरोप के देशों को बेच रहे हैं। इससे उन्हें बड़ा फायदा हो रहा है। देश का लोकल बाजार कीमतों की वजह से पस्त पड़ा है। यह भी एक बड़ी वजह कीमतों में उछाल की है। यही नहीं कच्चा माल कम होने और छोटे स्तर पर कई रोलर मिलें बंद होने की वजह से भाव में तेजी बनी हुई है। -विशाल अग्रवाल, सरिया एवं प्रोफाइल के थोक कारोबारी