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    UP: पर्यटन को निखारने में आइआइएम की मदद लेगी योगी सरकार, दुधवा और प्रयागराज समेत 11 स्थल चिन्हित

    By Dharmesh AwasthiEdited By: Vikas Mishra
    Updated: Tue, 29 Nov 2022 07:07 AM (IST)

    भगवान राम व कृष्ण की जन्मस्थली के साथ ही मुगल वास्तुकला का केंद्र ताजमहल के अलावा बौद्ध स्थलों की भरमार है। ऐसे स्थलों के आसपास पर्यटन सर्किट बनाने की ...और पढ़ें

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    क्षेत्र के प्रमुख स्थलों के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए आइआइएम के छात्र-छात्राएं कार्य करेंगे

    लखनऊ, [धर्मेश अवस्थी]। प्राकृतिक सुंदरता हो या धार्मिक, ऐतिहासिक व दर्शनीय स्थल प्रदेश में भरपूर हैं। उनमें से अधिकांश स्थल लोगों की जुबां पर हैं लेकिन, सैर-सपाटा करने वालों की संख्या कम है। पर्यटन विभाग इन स्थलों को एक सर्किट के रूप में तैयार करने जा रहा है। इसमें आइआइएम (इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट) लखनऊ के मेधावियों की मदद ली जाएगी। सरकार प्रदेश की पर्यटन नीति जारी कर चुकी है, जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करने का उल्लेख है। अधिकारी स्वीकार करते हैं कि सूबे में सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव वाले स्थलों सहित संगीत व लोक कला के भी अनेक केंद्र हैं।

    भगवान राम व कृष्ण की जन्मस्थली के साथ ही मुगल वास्तुकला का केंद्र ताजमहल के अलावा बौद्ध स्थलों की भरमार है। ऐसे स्थलों के आसपास पर्यटन सर्किट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। विभाग ने 11 स्थलों को पर्यटन सर्किट बनाने के लिए चिन्हित किया है।

    क्षेत्र के प्रमुख स्थलों के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए आइआइएम के छात्र-छात्राएं कार्य करेंगे। मार्केटिंग मैनेजमेंट में अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को वहां भेजा जा रहा है। हर स्थल पर पांच छात्रों का दल जाकर रिपोर्ट तैयार करेगा। उसका प्रचार-प्रसार करके देश व विदेश के अधिकाधिक लोगों को इन स्थलों पर लाया जाएगा।

    इन बिंदुओं पर होगा कार्य

    • गंतव्य के चारों ओर पर्यटन सर्किट बनाने की संभावनाओं का अन्वेषण।
    • पारिस्थितिकी, वन्यजीव, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक स्मारकों, मंदिरों, नृत्य रूपों, संगीत, लोक कला का पर्यटन के लिए अलग दायरे का सृजन।
    • किस अवधि में यात्रा की योजना बनाई जा सकती है। क्या सप्ताह के अंत में विभिन्न टूर प्लान सुझा सकते हैं।
    • वहां कोई अनोखा स्थानीय उत्पाद (एक जिला एक उत्पाद योजना या अन्य में पहचाना गया) मिलता है तो स्मृति चिन्ह के रूप में दिया जाए।
    • पर्यटकों के लिए उस जगह के व्यंजनों को बढ़ावा देने की भी योजना बनेगी।

    ये स्थल चिन्हित

    • नैमिषारण्य का 40 किलोमीटर का परिक्षेत्र
    • चित्रकूट, लालपुर व रानीपुर टाइगर रिजर्व
    • गोरखपुर, महराजगंज, सोहागीबरवा व कुशीनगर
    • अयोध्या व गोंडा
    • प्रयागराज, कौशांबी
    • मथुरा ब्रज सर्किट
    • दुधवा नेशनल पार्क, किसानपुर व पीलीभीत टाइगर रिजर्व
    • श्रावस्ती, सोहेलदेव
    • बिजनौर, अमानगढ़ टाइगर व एलीफैंट रिजर्व
    • मेरठ, हस्तिनापुर, गढ़मुक्तेश्वर,
    • 11. वाराणसी, चंद्रप्रभा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, सोनभद्र

    प्रदेश के पर्यटन स्थलों को और बेहतर बनाने के लिए आइआइएम अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की मदद ले रहे हैं, हर केंद्र पर पांच छात्रों का दल भेजा जा रहा है, उसकी रिपोर्ट पर कार्य करेंगे। -मुकेश मेश्राम, महानिदेशक पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश