Indian Army : झांसी रेलवे स्टेशन पर भगवान के रूप में आए सेना के डॉक्टर, सुरक्षित कराया प्रसव
Indian Army Doctors Great example of the spirit of service सेना के डॉक्टर मेजर रोहित बचवाला ने शनिवार दोपहर को वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर महिला को बच्चे को जन्म देने में मदद की। महिला और बच्चे की जान बचाई और मुश्किल हालात में भी जरूरी इलाज दिया। मां और बच्चा दोनों अब ठीक हैं।
डिजिटल डेस्क, जागरण, लखनऊ : झांसी रेलवे स्टेशन पर सेना के डॉक्टर मेजर रोहित बचवाला ने शनिवार को आपात स्थिति और कम संसाधनों के साथ प्रसव से पीड़ित महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। उनका यह काम सेना के अपने कर्तव्य से बढ़कर सेवा के जज्बे का शानदार उदाहरण है। महिला और नवजात के सुरक्षित रहने पर सभी ने एक स्वर में डॉक्टर मेजर रोहित का आभार जताया। हैदराबाद के रहने वाले मेजर रोहित पूर्व भारतीय वायुसेना कर्मी के बेटे हैं।
आर्मी हास्पिटल झांसी के डॉक्टर मेजर रोहित बचवाला स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, इसी बीच आपात स्थिति आने पर उन्होंने मोर्चा संभाल लिया। रेलवे स्टेशन पर एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। डॉक्टर मेजर रोहित ने तुरंत उसकी मदद की और देसी उपकरणों से सुरक्षित डिलीवरी करवाने के बहुत ही सराहनीय काम किया। डॉक्टर ने महिला और बच्चे की जान बचाई और मुश्किल हालात में भी जरूरी इलाज दिया। मां और बच्चा दोनों अब ठीक हैं।
सेना के डॉक्टर मेजर रोहित बचवाला ने शनिवार दोपहर को वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर महिला को बच्चे को जन्म देने में मदद की। झांसी मिलिट्री अस्पताल में तैनात 31 वर्षीय मेजर रोहित बचवाला परिवार से मिलने के लिए एक महीने की छुट्टी पर बेंगलुरु के रास्ते हैदराबाद जा रहे थे। रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार करते समय उन्होंने फुटओवर ब्रिज पर एक गर्भवती महिला को गंभीर दर्द में देखा। रोहित ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पॉकेट चाकू और हेयर क्लिप और धोती जैसी तात्कालिक सामग्री का इस्तेमाल करके उसकी डिलीवरी में मदद की।
रेलवे की महिला कर्मचारियों ने उस स्थान को कवर किया और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें दस्ताने भी दिए। मेजर रोहित ने बताया कि प्रसव के बाद मां और नवजात की हालत स्थिर थी। उन्हें आगे की देखभाल के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।
डॉक्टर ने बताया कि महिला टीटीई गर्भवती महिला को व्हीलचेयर पर चिकित्सा सहायता के लिए ले जा रही थी। जैसे ही उसे फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट से बाहर लाया गया, गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाने लगी। मैं उसकी ओर दौड़ा और अपने पास मौजूद सभी संसाधनों से उसे बच्चे को जन्म देने में मदद की। महिला अपने पति और बच्चे के साथ पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस 15066 में पनवेल से बाराबंकी जा रही थी। उसके पति ने चिकित्सा सहायता के लिए रेलवे से सहायता मांगी और परिवार को झांसी स्टेशन पर उतार दिया गया।
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी डिवीजन के सीनियर अधिकारी ने बताया कि रेलवे को गर्भवती महिला यात्री के बारे में जानकारी मिली, जिसने रेल मदद ऐप के माध्यम से चिकित्सा सहायता मांगी थी। झांसी नियंत्रण कक्ष को सक्रिय किया गया और चिकित्सा सहायता के लिए एक टीम तैयार की गई। जैसे ही ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर पहुंची, महिला यात्री को रेलवे मेडिकल टीम और रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ ने देखा। महिला टीटीई स्टाफ ने मेजर रोहित का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह जरूरत के समय में एक देवदूत के रूप में आए।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।