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बांग्लादेश रेलवे को भारत देगा 200 बोगियां, आरडीएसओ में हुई टेस्टिंग

Published: Wed, 17 Dec 2025 06:16 PM (IST)

भारत, बांग्लादेश रेलवे के लिए 200 एलएचबी बोगियों का निर्यात करेगा, जिनका उत्पादन रेल कोच फैक्ट्री करेगी। इन बोगियों के ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भारत करेगा बांग्लादेश रेलवे को 200 बोगियों का निर्यात

  2. लखनऊ आरडीएसओ में बोगियों के सुरक्षा मानकों का परीक्षण

  3. 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगी बोगियां

जागरण संवाददाता, लखनऊ। बाग्लादेश रेलवे के लिए भारत की रेल कोच फैक्ट्री लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) जैसी आधुनिक तकनीक के 200 बोगियों का उत्पादन करके उनका निर्यात करेगा। इन बोगियों के सुरक्षा मानकों का परीक्षण लखनऊ स्थित अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन (आरडीएसओ) करेगा। बुधवार को आरडीएसओ की अलग-अलग लैब में बांग्लादेश रेलवे के नौ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने इन बोगियों की तकनीक और सुरक्षा फीचर की टेस्टिंग को देखा ।

बांग्लादेश रेलवे का यह प्रतिनिधिमंडल वहां के परियोजना निदेशक मोहम्मद जिदुल इस्लाम के नेतृत्व में आरडीएसओ पहुंचा। रेलवे की संसथा राइट्स को बांग्लादेश रेलवे के लिए 200 एलएचबी बोगियों का निर्यात करने का आर्डर मिला है। इस बोगियों का निर्माण रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में किया जा रहा है। इस निर्यात परियोजना में आरडीएसओ को सुरक्षा सत्यापन से संबंधित गतिविधियों में सम्मिलित किया गया है।

आरडीएसओ की लैब में इन बोगियों के एक्सल, तनाव और लोड की टेस्टिंग के लिए श्रांति (फटिग) परीक्षण किया गया। इसी तरह आमने-सामने की टक्कर में यात्रियों को कम नुकसान हो, इस तकनीक का प्रदर्शन क्रैश सिमुलेटर पर कोच शेल बाडी परीक्षण से आरडीएसओ के अधिकारियों ने कराया।

आरडीएसओ के अपर महानिदेशक काजी मेराज अहमद सहित अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। भारत के बने एंटी टेलीस्कोपिक बाड़ी, डिस्क ब्रेक जैसे आधुनिक एलएचबी कोच 160 किमी. प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगे। बांग्लादेश रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इन 200 आयातित बोगियों से ढाका-राजसाही लाइन सहित इंटरसिटी रूट की ट्रेनें दौड़ायी जाएंगी।

आरडीएसओ से बांग्लादेश रेलवे के मानकों के अनुसार बोगियों का परीक्षण होने के बाद इसकी डिलीवरी बांग्लादेश को की जाएगी। आरडीएसओ के कैरिज सहित कई निदेशालयों की एक संयुक्त टीम रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला जाकर वहां बन रही बोगियों का नियमित परीक्षण भी कर रही हैँ।