यूपी के शिक्षकों के लिए जरूरी खबर! जल्द होने वाला है तबादला, डेट भी हो गई फाइनल
परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के जिले के भीतर पारस्परिक तबादले शीतकालीन अवकाश (31 दिसंबर-14 जनवरी) से शुरू होंगे। ग्रीष्मकालीन अवकाश में दूसरे चरण का स्थानांतरण होगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने 2025 के लिए नीति जारी की है। शिक्षक आपसी सहमति से तबादला कर सकेंगे जिसमें विषय और स्कूल स्तर की समानता जरूरी होगी। स्थानांतरण प्रक्रिया में मानव संपदा पोर्टल और बीएसए कार्यालय की जांच से निर्णय लिया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के जिले के भीतर पारस्परिक तबादले की प्रक्रिया शीतकालीन अवकाश से शुरू होगी। 31 दिसंबर से लेकर 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश है। दूसरे चरण में ग्रीष्मकालीन अवकाश में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण की नीति जारी कर दी गई। अब बेसिक शिक्षा परिषद जल्द विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा। पिछले एक वर्ष से इसका इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है।
वहीं दूसरी ओर जल्द एक जिले से दूसरे जिलों में शिक्षकों के पारस्परिक तबादले की भी नीति जारी की जाएगी। जिले के भीतर जिन शिक्षकों के अभी पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, उन्हें गर्मी की छुट्टियों के दौरान विद्यालयों से कार्यमुक्त किया जाएगा। ताकि पठन-पाठन प्रभावित न हो।
प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा एमकेएस सुंदरम की ओर से जिले के भीतर पारस्परिक स्थानांतरण की विस्तृत नीति जारी की गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र (डायट) प्राचार्य की अध्यक्षता में हर जिले में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कमेटी में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) व वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) को सदस्य बनाया गया है।
सत्र में दो स्थानांतरण
वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को सदस्य सचिव नामित किया गया है। सत्र में दो बार शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन अवकाश में स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी। बीते वर्ष शीतकालीन अवकाश के दौरान स्थानांतरण हुए थे। वर्ष 2024 में ग्रीष्मकाल में स्थानांतरण नहीं हुए थे। ऐसे में लगभग एक वर्ष बाद यह प्रक्रिया शुरू होगी।
प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में पारस्परिक स्थानांतरण के लिए एक-दूसरे विद्यालय के किसी भी विषय के शिक्षक की आपसी सहमति होनी चाहिए। वहीं उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के विषयवार चयन होने के कारण एक-दूसरे विद्यालय के शिक्षक के एक ही विषय का भी होना आवश्यक है। यानी गणित का शिक्षक अगर किसी विद्यालय में तबादला चाहता है तो उसे गणित विषय के ही शिक्षक के साथ अपना जोड़ा बनाना होगा।
प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों को प्राथमिक विद्यालयों में और उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को उच्च प्राथमिक स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा। कंपोजिट स्कूलों में भी यह नियम लागू होगा। पारस्परिक स्थानांतरण के लिए ग्रामीण सेवा संवर्ग के शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र में और नगर सेवा संवर्ग के शिक्षक का नगर क्षेत्र में ही स्थानांतरण होगा।
शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए आपसी सहमति का शपथ पत्र आनलाइन आवेदन फार्म भरने के सात दिनों में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा। आनलाइन आवेदन फार्म जमा करने के बाद उसमें किसी भी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं होगा। वहीं एक बार स्थानांतरण होने के बाद उसे निरस्त नहीं किया जाएगा।
ऐसे पूरी की जाएगी स्थानांतरण प्रक्रिया
सभी जिलों में मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का ब्योरा अपडेट किया जाएगा। आनलाइन आवेदन करने के 15 दिन बाद तक शिक्षक बीएसए कार्यालय में उसका प्रिंट आउट जमा करेंगे। अगले 15 दिनों में आवेदन की पात्रता जांची जाएगी। फिर एक महीने के भीतर स्थानांतरण कमेटी शिक्षकों के तबादले पर निर्णय लेगी। फिर 15 दिनों में आपत्तियों पर सुनवाई कर उनका निस्तारण किया जाएगा। स्थानांतरण आदेश ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन अवकाश में ही जारी होगा। ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
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