लखनऊ, जेएनएन। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के सीतापुर रोड स्थित घटक संस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (आइईटी) और उनके विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। आइईटी में संचालित सभी पांचों कोर्स सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) की ओर से स्वीकृत प्रदान कर दी गई है।

एकेटीयू के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ ही आइईटी लखनऊ का ऐसा पहला संस्थान बना गया है, जिसे पांचों कोर्स में एनबीए द्वारा एक्रीडिटेशन मिला है। उन्होंने बताया कि सभी संस्थानों के लिए एनबीए अनिवार्य किया जा रहा है। जैसे विश्वविद्यालयों की रैकिंग नैक द्वारा की जाती है, उसी तर्ज पर एनबीए संस्थानों के लिए है। यह बड़ी उपलब्धि है कि पहली बार पांच ब्रांचों के लिए एनबीए एप्लाई किया गया और सभी ब्रांच के लिए एनबीए की मान्यता मिल गई।

उन्होंने बताया कि अब विश्व के सभी तकनीकि संस्थानों को एनबीए की मान्यता नहीं है तो यहां की दूसरे देश में मान्य नहीं होगी। यह व्यवस्था वर्ष 2022 से लागू होंगे। आइईटी ने इसे 2019 में ही हासिल कर लिया है। इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यहां से पढ़कर निकले छात्र की डिग्री विश्व के सभी देशों में मान्य होगी। साथ ही एनबीए न होने पर संबंधित संस्थानों को सरकारी सहायता से भी वंचित होना पड़ेगा।

 

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