लखनऊ, जेएनएन। अंतरराष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी ज्योति सिंह रंधावा को बड़ी राहत देते हुए हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उनका पासपोर्ट उन्हें वापस सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार चाहे तो रंधावा के पासपोर्ट के जब्तीकरण के लिए पासपोर्ट विभाग से संपर्क कर सकती है।

यह आदेश जस्टिस राजीव सिंह की बेंच ने ज्योति सिंह रंधावा की याचिका पर दिया। याची की ओर से कहा गया कि वह एक अंतरराष्ट्रीय गोल्फर हैं और विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें 26 दिसंबर, 2018 को वन्य जीवों के लिए संरक्षित क्षेत्र में शिकार करने के आरोप में झूठा फंसा दिया गया था। कोर्ट में कहा गया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बहराइच की अदालत ने उनके पासपोर्ट को वापस करने संबंधी प्रार्थना पत्र को छह जुलाई को अभियोजन अधिकारी के इस बयान पर खारिज कर दिया कि पासपोर्ट मिलने पर उसके देश छोड़ने का खतरा है, जबकि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा ऐसी कोई आशंका जाहिर नहीं की गई थी।

कोर्ट में कहा गया कि सिर्फ अभियोजन अधिकारी के बयान के आधार पर निचली अदालत ने पासपोर्ट वापस करने का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया, जो विधि सम्मत नहीं है। सरकारी वकील ने याचिका विरोध करते हुए कहा कि निचली अदालत के आदेश में कुछ भी अविधिपूर्ण नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निचली अदालत के छह जुलाई के आदेश को खारिज कर दिया और रंधावा को उनका पासपोर्ट वापस करने के आदेश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी चाहें तो पासपोर्ट अथॉरिटी के समक्ष याची के पासपोर्ट जब्ती के लिए संपर्क कर सकते हैं।

अवैध शिकार का है आरोप

ज्योतिंदर सिंह रंधावा फिल्म अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह के पूर्व पति हैं। रंधावा पर संरक्षित क्षेत्र बहराइच के कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग में शिकार करने का आरोप है। उन्हें 26 दिसंबर 2018 को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके से गिरफ्तार किया गया था। ज्योति रंधावा अपने दोस्त महेश विराजदार निवासी निम्बरगढ़ जिला शोलापुर महाराष्ट्र, बेटे जोरावर रंधावा और पिता के साथ फॉर्म हाउस पर आए थे। 

वह अपने निजी वाहन से कतर्नियाघाट के संरक्षित वन क्षेत्र से निकल रहे थे। इसी दौरान स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स और वन टीम ने घेराबंदी कर उनके वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान उनके वाहन से विदेशी रायफल, कारतूस, नाइट विजन दूरबीन, नकदी, मृत जीव व खाल और शिकार से संबंधित अन्य सामान बरामद हुआ था। ज्योति रंधावा व महेश विराजदार पर भारतीय वन अधिनियम एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। 63 दिन जेल में रहने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। इससे पहले बहराइच के जिला जज ने रंधावा की जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी।

Posted By: Umesh Tiwari

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