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    Lucknow Court News: लखनऊ में टीले वाली मस्जिद प्रकरण में आज भी होगी सुनवाई

    By Anurag GuptaEdited By:
    Updated: Tue, 31 May 2022 08:32 AM (IST)

    वकील हरिशंकर जैन के मुताबिक निचली अदालत में दाखिल इस वाद में टीले वाली मस्जिद को हटाकर इसका कब्जा हिन्दुओं को देने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि यह पूरा परिसर शेषनागेस्थ टीलेश्वर महादेव का स्थान है।

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    वाद पत्र के मुताबिक सनातन काल में लक्ष्मण ने गोमती के किनारे एक टीले पर शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कराई थी।

    लखनऊ, विधि संवाददाता। टीले वाली मस्जिद के मामले में निचली अदालत के आदेश के विरुद्ध दाखिल रिवीजन अर्जी पर मंगलार, 31 मई को भी सुनवाई होगी। सोमवार को सत्र अदालत में इस अर्जी पर सुनवाई के दौरान वादी व प्रतिवादी पक्ष की बहस पूरी नहीं हो सकी। एडीजे कल्पना ने शेष बहस के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे का समय नियत किया है।

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    वर्ष 2013 में निचली अदालत में दाखिल इस वाद में मस्जिद को हटाकर इसका कब्जा हिंदुओं को देने की मांग की गई है। कहा गया है कि यह पूरा परिसर शेषनागेस्ट टीलेश्वर महादेव का स्थान है। लिहाजा इस पर हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जाए व उनके दर्शन में बाधा डालने वालों को रोका जाए।

    25 सितंबर, 2017 को निचली अदालत ने इस वाद के खिलाफ प्रतिवादी की ओर से दाखिल आपत्ति को खारिज कर दिया था। निचली अदालत के इस आदेश को रिवीजन अर्जी में चुनौती दी गई है।

    यह वाद लार्ड शेषनागेस्ट टीलेश्वर महादेव विराजमान, लक्ष्मण टीला शेषनाग तीरथ भूमि, डॉ. वीके श्रीवास्तव, रामरतन मौर्य, वेदप्रकाश त्रिवेदी, चंचल सिंह, दिलीप साहू, स्वतंत्र कुमार त्रिपाठी व धनवीर सिंह की ओर से दाखिल किया गया था।

    इसमें यूनियन आफ इंडिया जरिए सचिव गृह मंत्रालय, आर्कियोलाजी सर्वे आफ इंडिया की लखनऊ सर्किल, स्टेट आफ यूपी जरिए प्रमुख सचिव गृह, जिलाधिकारी लखनऊ, पुलिस महानिदेशक उप्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ, पुलिस अधीक्षक पश्चिम लखनऊ, इंसपेक्टर चौक व सुन्नी सेंट्रल बोर्ड आफ वक्फ जरिए चीफ एग्जीक्यूटिव आफीसर के साथ ही मौलाना फजुर्लरहमान को पक्षकार बनाया गया है।

    18 जुलाई, 2017 को अदालत ने मौलाना फजुर्लरहमान की मौत के बाद उनके विधिक उत्तराधिकारी मौलाना फजलुल मन्नान को प्रतिवादी प्रतिस्थापित करने का आदेश दिया था। निचली अदालत में प्रतिवादी की ओर से इस वाद को खारिज करने की मांग की गई थी। अब निचली अदालत में मूल वाद पर सुनवाई 30 जुलाई को नियत है।