लखनऊ, जेएनएन। पीटीएस उन्नाव में तैनात डीआइजी (उपमहानिरीक्षक) पुलिस एन.चंद्रप्रकाश की पत्नी पुष्पा प्रकाश (36) ने शनिवार सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित आवास में उनका शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। आननफानन में उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस की छानबीन में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। चंद्रप्रकाश हाथरस कांड में बने विशेष जांच दल (एसआइटी) में बतौर सदस्य शामिल हैं।

मूलरूप से अंबेडकरनगर निवासी 2004 बैच के आइपीएस अधिकारी चंद्र प्रकाश की पत्नी पुष्पा प्रकाश ने शनिवार सुबह आत्महत्या कर ली है। सुबह 10:10 बजे पुष्पा ने पति चंद्रप्रकाश को फोन कर बताया कि वह फांसी लगाने जा रही हैं। जब फोन आया तो डीआइजी घर से विभागीय बैठक के लिए गोरखपुर जा रहे थे। इसके बाद डीआइजी ने तुरंत बड़ी बेटी अनन्या को फोन किया। अनन्या ने बताया कि मम्मी ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है। डीआइजी घर पहुंचे। गनर और ड्राइवर के साथ धक्का मारकर पीछे के कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर पुष्पा का शव पंखे की कुंडी में उनकी चुनरी से लटक रहा था। इसके बाद डीआइजी तत्काल कार से पुष्पा को लोहिया अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

जेसीपी कानून व्यवस्था नवीन अरोड़ा ने बताया कि सुबह 10:30 बजे के करीब पुष्पा ने आत्महत्या कर ली। उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस छानबीन में यह बात सामने आई है कि पुष्पा और चंद्रप्रकाश में दुर्गााष्टमी पूजा व व्रत को लेकर सुबह कहासुनी हुई थी, जिसके बाद डीआइजी घर से मीटिंग के लिए निकले और पुष्पा ने फांसी लगा ली। डीआइजी की दो बेटियां अनन्या (13), कृतिका (11) व एक बेटा दिव्यांश (7) है। 

बता दें कि हाथरस कांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआइटी गठित कर पूरे प्रकरण के हर पहलू की पड़ताल कराने का निर्देश दिए गए थे। सचिव गृह भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआइटी में डीआइजी चंद्र प्रकाश भी बतौर सदस्य शामिल हैं। चंद्र प्रकाश-द्वितीय की साफ-सुथरी छवि के ईमानदार अफसरों में गिनती होती है।