लखनऊ। गंगा-जमुनी तहजीब, सांप्रदायिक सौहार्द, मुस्लिम महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली लल्लापुरा की 'हनुमान चालीसा फेम' नाजनीन अंसारी 22 जनवरी को राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में सम्मानित होंगी। बाल विकास मंत्रालय द्वारा तीन महीने पहले एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से उन सौ महिलाओं व लड़कियों को चुना गया, जिन्होंने शिक्षा, सांप्रदायिकता, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। नाजनीन अंसारी को सांप्रदायिक एकता के लिए चुना गया है। राष्ट्रपति चयनित महिलाओं के साथ दोपहर का भोजन भी करेंगे।

नाजनीन एक बुनकर परिवार से ताल्लुक रखती हैं। आर्थिक तंगी के चलते कक्षा आठ के बाद उनकी पढ़ाई रुक गई। इसके बाद विशाल भारत संस्थान के संस्थापक डा. राजीव श्रीवास्तव ने नाजनीन की शिक्षा का जिम्मा लिया और आज संदर्भ प्रबंधन में बीएचयू से इस वर्ष नाजनीन ने स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल कर ली। डा. राजीव बताते हैं कि कई बार नाजनीन के नाम से फतवा हुआ, धमकियां भी मिलीं, लेकिन वह निडर होकर अपने कार्य को लगन से कर रही हैं।

ये रहीं उपलब्धियां

नाजनीन ने रामचरित मानस, हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा, शिव चालीसा का उर्दू में अनुवाद किया है। श्रीराम आरती, श्री राम प्रार्थना को उन्होंने स्वयं उर्दू में लिखा है। नाजनीन को काशी में हनुमान चालीसा फेम नाजनीन अंसारी के रूप में प्रसिद्धि मिल चुकी है।

ब्लास्ट के दूसरे दिन पहुंच गई थीं संकट मोचन मंदिर

वर्ष 2006 में ब्लास्ट के दूसरे दिन 70 मुस्लिम महिलाओं को लेकर नाजनीन संकटमोचन मंदिर पहुंचीं। वहां बैठकर देश की शांति व सद्भाव के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रत्येक रामनवमी व दीपावली पर मुस्लिम महिलाओं के साथ विशाल भारत संस्थान में श्रीराम आरती करती हैं। नाजनीन मुस्लिम महिलाओं के एक संगठन 'मुस्लिम महिला फाउंडेशन' की अध्यक्ष हैं। मुस्लिम महिलाओं की शिक्षा के लिए कार्य कर रही हैं।

Edited By: Ashish Mishra