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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Halal Ban: हलाल प्रमाण पत्र जारी करने वाली कंपनियों से लैब टेस्टिंग का ब्यौरा तलब, जानकारी जुटा रही पुलिस

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
Published: Mon, 20 Nov 2023 10:15 AM (IST)

हलाल प्रमाणपत्र जारी करने वाली कंपनियों की जांच के लिए यूपी पुलिस सक्रिय हो गई है। प्रमाण पत्र जारी करने ...और पढ़ें

हलाल प्रमाण पत्र जारी करने वाली कंपनियों से लैब टेस्टिंग का ब्यौरा तलब, जानकारी जुटा रही पुलिस
हलाल प्रमाण पत्र जारी करने वाली कंपनियों से लैब टेस्टिंग का ब्यौरा तलब, जानकारी जुटा रही पुलिस

जागरण संवाददाता, लखनऊ। हलाल प्रमाणपत्र जारी करने वाली कंपनियों की जांच के लिए यूपी पुलिस सक्रिय हो गई है। प्रमाण पत्र जारी करने वाली कंपनियों के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा लिखाया गया था। अब जांच के लिए दो टीमें गठित कर दी गई हैं। साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया है।

पुलिस ने सर्टिफिकेट जारी करने वाली हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिंद, हलाला काउंसिल और अन्य कंपनियों को नोटिस जारी कर उत्पादों की लैब टेस्टिंग का ब्योरा मांगा है। इससे संबंधित अन्य दस्तावेज भी जल्द से जल्द मुहैया कराने को कहा है।

इन कंपनियों के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराते हुए टेरर फंडिंग का आरोप लगाया था।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर लखनऊ समेत अन्य जिलों में हलाल लिखे टूथपेस्ट, टूथब्रश, साबुन, तेल, केक, बिस्कुट, चायपत्ती, चीनी समेत अन्य उत्पादों की जांच पुलिस टीम ने शुरू कर दी है। उत्पादों की आनलाइन बिक्री करने वाली साइट के अलावा खरीदारों पर साइबर क्राइम सेल की नजर है।

साइबर क्राइम सेल को आनलाइन खरीद-फरोख्त करने वालों का ब्यौरा जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि कंपनियों के फंड की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सबसे अधिक आनलाइन हो रही उत्पादों की बिक्री

इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि हलाल लिखी परफ्यूम और खाद्य उत्पादों की सबसे अधिक बिक्री आनलाइन हो रही है। इसलिए साइबर क्राइम सेल को भी लगाया गया है। उत्पादों की बिक्री करने वाले स्टाकिस्ट और दुकानदारों के बारे में ब्योरा जुटाया जा रहा है, जो भी बिक्री करता मिला। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम के साथ दुकानों में जांच की जाएगी।