यूपी सरकार ने नवजात शिशुओं को दिया ग्रीन गोल्ड का तोहफा, इस जिले के खाते में गए सबसे ज्यादा सर्टिफिकेट
उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 से 7 जुलाई के बीच सरकारी अस्पतालों में जन्मे 18348 बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट दिया। अभिभावकों को पौधे भी दिए गए और उनसे पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया गया। लखनऊ मंडल में सबसे अधिक सर्टिफिकेट दिए गए। इस पहल का उद्देश्य नवजात शिशुओं के जीवन को खुशहाल बनाना और प्रदेश में हरियाली को बढ़ावा देना है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने एक से सात जुलाई के बीच सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले 18,348 बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट प्रदान किया है। अभिभावकों को सर्टिफिकेट के साथ एक पौधा भी दिया गया।
अभिभावकों ने संकल्प लिया कि नवजात के साथ ही पौधों की भी देखभाल और संरक्षण करेंगे। अभिभावकों को इमारती लकड़ी, फल व सहजन समेत कई प्रजातियों के पौधे प्रदान किए गए हैं। सर्वाधिक ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट व पौधे लखनऊ मंडल में दिए गए। देवीपाटन मंडल दूसरे व आगरा तीसरे स्थान पर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर वन विभाग ने इसे मूर्त रूप प्रदान किया है। पौधारोपण महाभियान के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि संस्थागत प्रसव में जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी व अन्य सरकारी अस्पतालों को शामिल किया गया था।
अभिभावकों से खाली स्थानों पर पौधे लगाने का अनुरोध किया गया। वन विभाग ने अभिभावकों को भेंट स्वरूप जामुन, सहजन, अमरुद, नीम, सागौन, शीशम, सिल्वर ओक, आंवला, कंजी, आम, अनार, बेलपत्थर, बकैन, तुलसी, बरगद, पीपल, बेल, महुआ, कटहल, पाकड़, महागोनी, लीची, नींबू समेत कई प्रजातियों के पौधे प्रदान किए।
ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट का उद्देश्य नवजात के जीवन को खुशमय बनाने के साथ प्रदेश में हरियाली बढ़ाने, परिवार को पौध लगाने व संरक्षित करने के लिए प्रेरित करना था। नवजात को उपहार स्वरूप पौधा देना बच्चे के जीवन में समृद्धि व विकास का परिचायक है।
किस मंडल में कितने बंटे ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट
- लखनऊ-2555
- देवीपाटन-1854
- आगरा-1406
- बरेली-1379
- प्रयागराज-1332
- मेरठ-1141
- सहारनपुर-1055
- कानपुर-1052
- अलीगढ़-1019
- गोरखपुर-1018
- अयोध्या-1015
- मुरादाबाद-709
- झांसी-602
- बस्ती-540
- चित्रकूट-515
- वाराणसी-491
- आजमगढ़-414
- मीरजापुर-251
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