लखनऊ, जेएनएन।  दो साल पहले पेट्रोल पंपों में चिप से तेल चोरी के एसटीएफ के सनसनीखेज खुलासे के बाद अब सॉफ्टवेयर में टेंपरिंग कर घटतौली करने का मामला सामने आया है। हापुड़ में तेल चोरी के खुलासे के बाद लीगल मेट्रोलॉली विभाग ने प्रदेश के सभी पंपों की मशीनों की जांच के निर्देश दिए हैं।

लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के राज्य नियंत्रक सुनील वर्मा के मुताबिक पेट्रोल पंपों पर सॉफ्टवेयर टेंपरिंग से तेल चोरी का मामला सामने आने के बाद से पूरे प्रदेश के पंपों की जांच का आदेश दिया गया है। 

पांच लीटर पर ढाई सौ मिलीलीटर तेल चोरी : दरअसल, एक पेन ड्राइव की मदद से बिना मशीन की सील को क्षति पहुंचाए सॉफ्टेवयर इंप्लांट किया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर के इंप्लांट होने के बाद प्रत्येक पांच लीटर पर करीब 250 मिलीलीटर तेल शॉर्ट होने लगता है। जबकि, लीगल मेट्रोलॉजी के मानक के अनुसार प्रति पांच लीटर पर 25 मिली लीटर की कमी अनुमन्य है। 

तेल कंपनियों से साठ-गांठ : अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि कंपनी के जिन इंजीनियरों ने पेन ड्राइव सप्लाई थी, उनका कहना है कि वे लोग तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के संपर्क में थे। लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिना सील से छेड़छाड़ के यह करना संभव नहीं दिखता। दरअसल, किसी भी पंप पर डिस्पेंसर यूनिट से छेड़छाड़ के लिए तेल कंपनियों और बाट-माप विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है। उनकी उपस्थिति में ही यूनिट में सील लगाई जाती है। बहरहाल, मामले की जांच की जा रही है।

 

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Posted By: Anurag Gupta

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