लखनऊ (जेएनएन)। बाढ़ विभीषिका देख स्थायी समाधान निकालने को चिंतित दिखे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह घाघरा का वेग मुख्यधारा की ओर मोड़ देंगे। हम जल्द इस समस्या का निराकरण जरूर करेंगे। बाढ़ प्रभावित जिलों का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा-बाराबंकी सीमा के निकट चरसड़ी तटबंध पर यह प्रयोग सफल रहा है। भारत बंद के सवाल योगी ने कहा कि भाजपा धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति नहीं करती। जाति विशेष को संरक्षण देने वाले कानून के दुरुपयोग की कतई इजाजत नहीं दी जाएगी।

बाढ़ प्रभावितों को आर्थिक मदद मिलेगी

गोंडा में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की समस्या के निदान की दिशा में घाघरा नदी के वेग को मुख्यधारा की ओर मोडऩे का जो परीक्षण बाराबंकी-गोंडा की सीमा पर किया गया था, अब इसे विस्तारित किया जाएगा। बाढ़ का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में लगातार कोशिशें चल रही हैं। बाढ़ पीडि़तों को राहत सामग्री वितरित करने के बाद संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, वर्तमान स्थिति के लिए पूर्ववर्ती गैरभाजपा सरकारें जिम्मेदार हैं। पिछली बार बाढ़ आपदा में जिन लोगों के घर गिर गए थे, उनके लिए 1244 आवास की प्रथम किस्त जारी कर दी गई है। सर्पदंश, जंगली जानवरों का शिकार, सीवरलाइन में गिरने से मृत होने वाले व्यक्तियों के परिवारीजन को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान किया गया है।

कटान जैसी विभीषिका से बचाया जाएगा

सीतापुर में नदी की धारा मोडऩे के प्रयोग का संदर्भ देते हुए सीएम ने कहा कि शारदा हो, घाघरा या फिर कोई और नदी, तटीय क्षेत्रों की आबादी को हर हाल में बाढ़ व कटान जैसी विभीषिका से बचाया जाएगा। सीतापुर में उन्होंने भिठिया जाल्हेपुर में सभा को संबोधित किया। कहा, सरकार बेहद संजीदा है। लोगों को समय से मदद मिल सके, इस पर ध्यान दिया जा रहा है। नुकसान कम हो और लोग बाढ़ व कटान से बच सकें, इसको लेकर प्रशासन को लगाया गया है। इस बार बाढ़ कम आई और कटान भी उतना नहीं हुआ। बाराबंकी में मुख्यमंत्री ने सिल्ट सफाई के जरिये बाढ़ नियंत्रण को कारगर बताया। कहा, यह कार्य अब बड़े पैमाने पर कराया जाएगा। वे दरियाबाद विधान सभा क्षेत्र के दुलहदेपुर (टिकैतनगर) में बाढ़ पीडि़तों को राहत सामग्री वितरित करने आए थे।

 

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021