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    यूपी में FEOA का पहला केस दर्ज, राशिद नसीम भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित; ED की कार्रवाई

    Updated: Thu, 01 May 2025 10:27 PM (IST)

    FEOA Case in UP भोले लोगों को जमीन और फ्लैट का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाल‍े भगोड़ा राशिद नसीम पर अब ईडी का शिकंजा कस गया है। लंबे समय से दुबई में बैठकर अपना साम्राज्य चला रहे नसीम को अब भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है।

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    भगोड़ा राशिद नसीम पर अब ईडी का शिकंजा कस गया

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : निवेशकों की रकम हड़पकर दुबई भाग निकले धोखेबाज शाइन सिटी संचालक राशिद नसीम को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है। विशेष न्यायालय (पीएमएलए), लखनऊ के न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम-2018 के तहत यह आदेश जारी किया।

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    इससे पूर्व उद्योगपति विजय माल्या व हीरा कारोबारी नीरव मोदी समेत लगभग दस आरोपितों को इस कानून के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। ईडी के अधिकारियों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है। उत्तर प्रदेश में फ्यूजिटिव इकॉनमिक ऑफेंडर्स एक्ट (FEOA) के तहत यह पहला मामला लखनऊ में दर्ज किया गया है।

    शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य संचालक राशिद नसीम ने निवेशकों को रियल एस्टेट की आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी। ईडी की जांच में निवेशकों के एक हजार करोड़ रुपये हड़पे जाने के तथ्य सामने आए थे। आरोपित राशिद नसीम जून, 2019 में देश छोड़कर नेपाल के रास्ते दुबई भाग निकला था। इसके लिए उसने जालसाजी से बनवाए गए दूसरे पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था।

    ईडी ने बीते दिनों राशिद के विरुद्ध भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम-2018 के तहत कोर्ट में आवेदन किया था। ईडी ने प्रदेश में पहली बार इस नए कानून के तहत निवेशकों की डूबी रकम उन्हें वापस कराने के लिए जब्त संपत्तियों को नीलाम कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। अब इसकी राह आसान होगी।

    फियो को यूपी में किसी आर्थिक अपराधी के खिलाफ पहली लागू किया गया है। यह अधिनियम 2002 के प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्‍ट के तहत गठित किसी भी विशेष अदालत को सौ करोड़ से अधिक के अपराधों में आरोपित आर्थिक अपराधियों की सभी संपत्तियों और परिसंपत्तियों को जब्त करने की शक्ति प्रदान करता है, जो भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहकर अभियोग से बच रहे हैं।

    • इस अधिनियम का उद्देश्य आर्थिक अपराधियों को भारतीय न्याय प्रणाली से बचकर निकलने से रोकना और भारत में न्याय के नियम की पवित्रता को बनाए रखना है।
    • इसके लिए विशेष अदालत आरोपी को आर्थिक अपराधी घोषित करती है, जिसके बाद उसकी संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है।
    • ईडी के अनुसार इंटरपोल ने राशिद के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट, लुक आउट सर्कुलर व रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी राशिद नसीम ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए भारत लौटने से इन्कार कर दिया था।
    • ईडी निवेशकों से ठगी की रकम से जुटाई गईं शाइन सिटी संचालकों की अब तक 127.98 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुका है।

    ईडी ने राशिद व शाइन सिटी समूह के विरुद्ध दर्ज कराए गए 554 मुकदमों को आधार बनाकर मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज अपनी जांच शुरू की थी। राशिद दुबई में रहकर भी ठगी कर रहा है। हाल ही में ईडी ने उससे जुड़े कई करीबियों को गिरफ्तार कर 190 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं।