Updated: Sat, 30 Aug 2025 12:25 AM (IST)
लखनऊ में किसान रजिस्ट्री बनाने का काम धीमा चल रहा है जबकि अंतिम तिथि 31 जनवरी थी और केवल आधा लक्ष्य ही पूरा हो पाया है। अब खरीफ सीजन में ई-खसरा पड़ताल के साथ किसान रजिस्ट्री बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग इसमें सहयोग करेगा और डीएम प्रतिदिन निगरानी रखेंगे। राज्य में 2.88 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का लक्ष्य है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। किसान रजिस्ट्री तैयार करने में पिछड़ने के बाद अब लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश तेज कर दी गई है। 31 जनवरी तक काम पूरा होना था, परंतु अब तक आधे से थोड़ा अधिक ही लक्ष्य पूरा हो पाया है। ऐसे में खरीफ सीजन में चल रही ई-खसरा पड़ताल के साथ किसान रजिस्ट्री भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कृषि विभाग इसमें सहयोग देगा और डीएम प्रतिदिन निगरानी करेंगे। राज्य में 2.88 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का लक्ष्य है। इसके लिए कृषि विभाग ने पिछले साल 18 से 31 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया था।
31 जनवरी की समय सीमा गुजरने के बाद इस काम को जारी रखा गया, परंतु लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। इसमें बड़ी संख्या में जिलों में 50 प्रतिशत भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते अब ई-खसरा पड़ताल के साथ फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके लिए संबंधित डीएम को नोडल अधिकारी और सीडीओ को परियोजना अधिकारी बनाया गया है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रचार-प्रसार के कार्य का अनुश्रवण डीएम द्वारा किया जाएगा।
फार्मर रजिस्ट्री के पंजीकरण और अप्रूवल का कार्य पीएम किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त जारी होने से पहले पूरा करने को कहा गया है। यदि लक्ष्य पूरा नहीं होता है तो ई-खसरा पड़ताल पूरी होने के बाद भी फार्मर रजिस्ट्री बनाने का अभियान जारी रहेगा।
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