Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    UPPCL: यूपी में अभियंता ने काट दी पूरे गांव की बिजली, बिल जमा करने वाले लोग भी अंधेरे में

    Updated: Sat, 28 Dec 2024 08:27 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के वेबिनार में बिजली उपभोक्ताओं के उत्पीड़न का मामला उठा। फिरोजाबाद के बरौली गांव में बिजली बिल समय पर जमा करने वालों के बावजूद पूरे गांव की बिजली काट दी गई। उपभोक्ताओं ने इसे अनुचित बताते हुए विरोध जताया। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यदि यह उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन होगा।

    Hero Image
    यूपी में अभियंता ने काट दी पूरे गांव की बिजली - प्रतीकात्मक तस्वीर।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबिनार में उपभोक्ताओं के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया। बिजली उपभोक्ता अंकित शर्मा ने कहा कि फिरोजाबाद के जसराना के बरौली गांव में आधे से अधिक लोग समय पर बिजली बिल जमा कर रहे हैं। जो लोग बिजली का बिल नहीं जमा कर रहे उनसे वसूली के लिए बिजली अभियंता ने टांसफार्मर से पूरे गांव की ही बिजली काट दी। चार दिन से पूरा गांव अंधेरे में है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    आखिर जो लोग समय पर बिजली का बिल जमा कर रहे हैं, उन्हें अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है। एकमुश्त समाधान योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दबाव बनाने को पूरे गांव को परेशान क्यों किया जा रहा है।

    उपभोक्ता का कहना...

    उपभोक्ता हरेन्द्र कुमार ने कहा कि फिरोजाबाद में बिजली उपभोक्ताओं के उत्पीड़न की आए दिन शिकायतें आती रहती हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

    क्या बोले परिषद के अध्यक्ष

    परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशक राजस्व वसूली के लिए बिजली अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। ऐसे में वह एकमुश्त समाधान योजना में पंजीकरण बढ़ाने के लिए पूरे गांव की बत्ती काट रहे हैं। अगर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न न बंद हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

    938 करोड़ की वसूली के बावजूद बिजली कर्मियों के निलंबन पर उठाए सवाल

    एकमुश्त समाधान योजना के माध्यम से अधिक से अधिक बिजली के बकाए की वसूली को लेकर कर्मियों पर की जा रही कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने इस पर सख्त आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि खुद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर रहे हैं कि अब तक 938 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

    वहीं दूसरी ओर बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशक अभियंताओं व कर्मियों को निलंबित कर रहे हैं। 12.70 लाख लोग अब तक एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध के चलते अधिकारी आवाज दबाने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं। एसोसिएशन के महासचिव अनिल कुमार ने कहा कि बिजली कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में अब इसके खिलाफ जल्द आंदोलन चलाया जाएगा।