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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डाकघरों में भी शुरू हुई एनईएफटी सुविधा, बैंक और पोस्ट ऑफिस के बीच आसान होगा लेनदेन

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Wed, 06 Jul 2022 06:21 PM (IST)

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया क‍ि एनईएफटी सुविधा हेतु पोस्टऑफिस का आईएफएससी कोड IPOS0000DOP पूरे देशभर में एक ...और पढ़ें

पोस्‍ट आफ‍िस नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा।
पोस्‍ट आफ‍िस नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा।

लखनऊ, जेएनएन। भारत सरकार ने डाकघर के बचत खाताधारकों के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) की सुविधा शुरू कर दी है। इससे किसी भी बैंक के खाते से डाकघर खाते में और डाकघर खाते से बैंक खाते में राशि ऑनलाइन ट्रांसफर हो सकेगी। डाकघर काउण्टर्स, इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के जरिए इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। काउंटर्स के माध्यम से इस सेवा का लाभ लेने के लिए ग्राहकों का डाकघर में बचत खाता होना चाहिए तथा एनईएफटी द्वारा राशि ट्रांसफर के लिए ग्राहकों को एक मैंडेट फॉर्म भरकर काउंटर पर देना होगा।

उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघर खातों में धनराशि के ट्रांसफर के लिए देश के सभी डाकघरों के लिए केवल एक ही आईएफएससी कोड IPOS0000DOP होगा। पूरे भारत के सभी डाकघरों का एक ही आईएफएससी कोड होने से ग्राहकों को प्रत्येक डाकघर का अलग से आईएफएससी कोड नहीं ढूँढना पड़ेगा।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा से लोगों को काफी सहूलियत होगी। डाकघरों के लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) व सुकन्या समृद्धि योजना के खाताधारक अपने इन खातों में बैंक के जरिये एनईएफटी द्वारा घर बैठे राशि जमा कर सकते हैं। एनईएफटी में राशि ट्रांसफर करने की न्यूनतम सीमा 1 रुपये तथा अधिकतम सीमा 15 लाख है।

इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत एक दिन में अधिकतम 5 ट्रांजैक्शन तथा प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 2 लाख रुपये एवं प्रतिदिन 10 लाख रुपये एनईएफटी किये जा सकते हैं। पोस्टमास्टर जनरल यादव ने आगे बताया कि दस हजार रुपये तक की एनईएफटी के लिए खाताधारकों को 2.50 रुपये व जीएसटी देना होगा। दस हजार से एक लाख रुपये तक के लिए यह चार्ज बढकर पांच रुपये व जीएसटी होगा।

इसके अलावा एक लाख से दो लाख रुपये तक के लिए 15 रुपये व जीएसटी और 2 लाख से अधिक की रकम के लिए 25 रुपये व जीएसटी देना होगा। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत यह सुविधा 24 घण्टे मुफ्त में उपलब्ध है।

गौरतलब है कि वित्तीय समावेशन में डाकघरों की अहम भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकांश लोगों के खाते डाकघरों में खुले हुए हैं। ऐसे में भारत सरकार द्वारा पोस्ट ऑफिस में भी एनईएफटी सुविधा आरम्भ करने से लोगों को काफी सहूलियत होगी।