ED ने लखनऊ कस्टम-जीएसटी में अपर आयुक्त के पद पर तैनात IRS अधिकारी सचिन सावंत को छापेमारी के बाद किया गिरफ्तार
आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुंबई ईडी ने 2008 बैच के आइआरएस (भारतीय राजस्व सेवा) अधिकारी सचिन बालासाहेब सावंत के घर छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया। सचिन लखनऊ कस्टम व जीएसटी में अपर आयुक्त के पद पर तैनात है। सचिन के विरुद्ध सीबीआई जांच भी चल रही है। ईडी मुंबई सावंत को रिमांड पर लेकर उसके कुछ अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर सकता है।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। मुंबई ईडी ने भ्रष्टाचार के मामले में 2008 बैच के आइआरएस (भारतीय राजस्व सेवा) अधिकारी सचिन बालासाहेब सावंत को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। ईडी ने लखनऊ में अपर आयुक्त कस्टम व जीएसटी (अपील) के पद पर तैनात सावंत के ठिकानों पर मंगलवार को छापेमार की थी।
ईडी ने लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में शालीमार वनवल्र्ड विस्टा आपार्टमेंट स्थित आवास से सावंत को मंगलवार को गिरफ्तार किया और बुधवार को मुंबई की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपित सावंत की पांच जुलाई तक की पुलिस रिमांड स्वीकृत की है। ईडी मुंबई सावंत को रिमांड पर लेकर उसके कुछ अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर सकता है।
सावंत पूर्व में मुंबई ईडी में अपर आयुक्त के पद पर भी तैनात रहे हैं। उनके विरुद्ध सीबीआइ जांच भी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि मुंबई में हीरो कारोबारी के साथ हुई बड़ी हेराफेरी में सावंत की भूमिका सामने आई थी। मुंबई सीबीआइ की एंटी करप्शन ब्रांच ने जून 2022 में सचिन बालासाहेब सावंत के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ की थी।
इसके बाद ही ईडी मुंबई ने भी सावंत के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीबीअाइ जांच में सामने आया था कि सावंत ने 12 जनवरी, 2011 से 31 अगस्त, 2020 के मध्य अपने व परिवार (पत्नी, पिता व मां) के नाम कई कीमती संपत्तियां जुटाई हैं। इस अवधि में आय से 2.45 करोेड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। यह रकम उनकी आय से लगभग 204 गुणा अधिक थी।
सावंत ने सनपदा नवी मुंबई में एक फ्लैट खरीदा था, जिसकी कीमत 1.3 करोड़ रुपये थी। जिसे खरीदने के लिए 1.02 करोड़ रुपये नकद भुगतान किया गया था। यह फ्लैट सेवेन हिल्स कंस्ट्रोवेल कंपनी के नाम से खरीदा गया था, जिसके संचालक सचिन सावंत के पिता बालासाहेब डी सावंत थे। फ्लैट खरीदने के लिए रकम का प्रबंध विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से किया गया था। फ्लैट में सचिन सावंत व उनकी पत्नी हेमा सावंत रहती थीं।
जांच में सावंत व उनके परिवार के खातों बड़ी रकम जमा कराए जाने के तथ्य भी सामने आए थे। इन खातों से बड़ी रकम सावंत के बहनोई पंकज चवन व कंपनी के खातों में भी डायवर्ट की गई। भ्रष्टाचार से कमाई गई काली कमाई काे अलग-अलग खातों में जमा कराने के बाद दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता रहा।
सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच में सामने आया कि सचिन सावंत ने निर्धारित अवधि में अपने स्वजन के खातों में 1.25 करोड़ रुपये नकद जमा कराए, जिसके बारे में वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। सावंत के पिता व बहनोई के नाम से संचालित शेल कंपनियों में बड़ी रकम भेजी गई। ईडी आगे की छानबीन कर रहा है।
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