लखनऊ, जागरण ऑनलाइन डेस्क: रामचरितमानस पर विवादित टिप्प्णी करने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। स्वामी प्रसाद की इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ तहरीर दी जा चुकी है। इसके साथ ही राजनीतिक स्तर पर भी स्वामी प्रसाद और उनकी पार्टी सवालों से घिर रही है। इतना ही नहीं, दो शंकराचार्याें ने स्वामी प्रसाद के इस बयान को अक्षम्य बताकर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।

स्वामी प्रसाद के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (उत्तर प्रदेश) ने ट्विटर के माध्यम से समाजवादी पार्टी से सवाल किया है कि क्या पार्टी और इसके प्रमुख अखिलेश यादव स्वामी के बयान से सहमत है? भाजपा ने कहा कि अखिलेश को पार्टी की तरफ से माफी मांगनी चाहिए और अपने नेता को सलाह देनी चाहिए।

दो शंकराचार्यों का आचार्य धीरेंद्र को समर्थन

इधर, प्रयागराज में दो शंकराचार्यों ने आचार्य धीरेंद्र को समर्थन दिया है। पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि कोई तंत्र, मंत्र व यंत्र से पीडि़तों का दुख-दर्द दूर कर रहा है तो इसमें गलत क्या है? सनानत धर्म विरोधी ताकतें अनायास विवाद खड़ा कर रही हैं। कहा कि हिंदुओं की घर वापसी कराना अच्छी बात है। 

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की गिरफ्तारी की मांग

वहीं, द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि तंत्र व मंत्र में अथाह शक्ति है। इसके प्रभाव से हर कष्ट दूर किया जा सकता है। हनुमान जी का साधक उसके जरिए अच्छा काम कर रहा है। उसका विरोध अनुचित है। साथ ही श्रीरामचरितमानस पर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा अभद्र टिप्पणी करने पर दोनों शंकराचार्यों ने नाराजगी व्यक्त की है। इसे अक्षम्य अपराध बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।

गौरतलब है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने सपा नेता पर केस दर्ज कराने के लिए हजरतगंज कोतवाली में दी तहरीर दी है। हिंदू महासभा ने अपनी तहरीर में कहा है कि मौर्य के बयान से हिंदू धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है साथ ही धार्मिक उन्माद फैलान का प्रयास किया गया।

Edited By: Shivam Yadav

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