लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। देश को आजादी दिलाने में अपने जान देने वाले क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को शहीद का दर्जा और लखनऊ में 150 फीट ऊंची प्रतिमा को लगाने के लिए आजाद के वंशज संघर्ष कर रहे हैं। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री व अन्य लोगों से गुहार लगा चुके उनके वंशज 23 जुलाई को उनकी जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय मांगा है। कृष्णानगर के आशुतोष नगर में रहने वाले क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के वंशज अमित आजाद का दावा है कि उनके पिता सुजीत आजाद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे हैं और मैं उनका पौत्र हूं। परिवार से इतर देश की आजादी में जान न्योछावर करने वाले चंद्रशेखर आजाद को शहीद का दर्जा दिलाने और उनकी प्रतिमा लगाने के लिए हिंदुस्तान रिपब्लिक आर्मी का गठन किया है।

स्वतंत्रता संग्राम के महानायक चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के भाबरा नामक स्थान पर हुआ। उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी एवं माता का नाम जगदानी देवी था। वंशावली पर गौर करें तो चंद्रशेखर आजाद के दादा टीकाराम तिवारी कानपुर देहात के भौती गांव में रहते थे। उनके पुत्र व चंद्रशेखर आजाद के पिता सीताराम तिवारी उन्नाव के बदरका गांव में रहने लगे। फिर उनके पिता सीताराम मध्य प्रदेश चले गए जहां उनके बड़े पुत्र सुखदेव के बाद चंद्रशेखर आजाद का 1906 में जन्म हुआ। 

फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार से मिले चुके हैं अमितः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही 2019 में भारत और पाकिस्तान बार्डर पर सैनिकों के साथ जंगलों में जान की बाजी लगाने वाले रेंजरों को सम्मानित करने गए अमित आजाद की फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार से मुलाकात हुई। अक्षय कुमार ने उनके प्रयास की सराहना की और उनके अभियान में भागीदारी का भरोसा दिलाया। 

आज करेंगे पार्क में पूजाः अमित आजाद ने बताया कि कानपुर रोड के हिंदनगर स्थित पार्क में पार्षद नेहा सौरभ सिंह के प्रयास और महापौर संयुक्ता भाटिया के निर्देश पर प्रतिमा के लिए जमीन मिली है जिससे सौंदर्यीकरण की शुरुआत क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर शुक्रवार को करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रतिमा के शिलान्यास में शामिल होने का आश्वासन दिया है। नगर निगम ने जमीन का आवंटन किया है, लेकिन प्रतिमा के निर्माण का बजट नहीं दिया है। ऐसे में हम वंशज व समाज के लोग चंदे से 150 फीट ऊंची चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित करेंगे। हालांकि मुख्यमंत्री ने सहयोग का आश्वासन दिया है। पार्क की देखभाल भी हिंदुस्तान रिपब्लिक आर्मी करेगी। आजाद का दावा है कि चंद्रशेखर आजाद की पूरी वंशावली उनके पास है।