Lucknow News: मां-बाप व भाई-भाभी समेत छह लोगों की हत्या करने वाले दंपती को मृत्यु दंड, क्यों बने थे अपनों के हत्यारे?
बंथरा में छह लोगों की हत्या करने वाले अजय सिंह और उनकी पत्नी रूपा सिंह को कोर्ट ने सजा सुनाई। अजय सिंह को धारा 302 में मृत्यु दंड और 1 लाख रुपये का जुर्माना धारा 120 बी में उम्रकैद और 50 हजार का जुर्माना तथा आयुध अधिनियम के तहत 3 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये का जुर्माना हुआ। हत्या का कारण परिवार में संपत्ति विवाद था।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। बंथरा में मां-बाप, भाई-भाभी समेत छह लोगों की हत्या करने वाले दंपति अजय सिंह और पत्नी रूपा सिंह को कोर्ट ने धारा 302 में मृत्यु दंड और एक लाख रुपये का जुर्माना, धारा 120 बी में उम्र कैद व 50 हजार का जुर्माना और धारा 4/25 आयुध अधिनियम में अजय सिंह को 3 वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पत्रावली के अनुसार मामले में बहन गुड्डी ने बंथरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमे उसने बताया कि 30 अप्रैल 2020 को उसके बड़े भाई अजय सिंह, भाभी रूपा सिंह और उसके नाबालिग भतीजे ने मिलकर उसके पिता अमर सिंह, मां रामदुलारी, मंझले भाई अरुण सिंह, भाभी रामसखी तथा भतीजा भतीजी को गड़ासे से काटने के बाद तमंचे से गोली मार कर हत्या कर दी।
जमान का बंटवारा
साथ ही बताया कि उसके परिवार में मां बाप के अलावा तीन भाई व एक वो स्वयं बहन ही थे। पिता ने हमेशा सभी बच्चों को बराबर स्नेह से संचित किया। परंतु शादी के बाद बड़े भाई ने परिवार से अलग रहना शुरू कर दिया। धीरे धीरे दूरियां बढ़ती गई और बात जमीन के बंटवारे तक आ गई। इसी बीच उसका छोटा भाई बीमार पड़ा तो पिता ने बड़े भाई से भी सहायता मांगी, परंतु उसने इलाज के लिए पैसे देने से इनकार कर दिया।
लाचार पिता ने आम के बाग बेच कर अपने छोटे बेटे का इलाज कराया परंतु बचा नहीं पाया। इसी दौरान बड़े भाई अजय सिंह को लगने लगा कि उसके पिता अपने मंझले बेटे से अधिक स्नेह करने लगे है और किसी भी दिन अपनी शेष बची जमीन उसी बेटे को दे देंगे।
तीसरा आरोपित नाबालिग
उसी के चलते पिता द्वारा जायदाद में हिस्सा न पाने की आशंका के चलते उसके बड़े भाई ने पत्नी व नाबालिग बेटे के साथ मिलकर सभी परिजन की हत्या कर दी थी। इस मामले का तीसरा आरोपित नाबालिग होने के कारण उसका विचारण बाल न्यायालय में चल रहा है।
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