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    Cyber Fraud : सीबीआइ का अफसर बनकर लखनऊ में बाप-बेटे से ठगे 1.29 करोड़, पिता की उम्र करीब सौ वर्ष

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 11:58 AM (IST)

    Cyber Fraud in Lucknow Retired Merchant Navy Officer and His 100 Years Old Father गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनके बैंक आफ इंडिया का खाता संख्या व अन्य सूचनाएं ले ली। पीड़ित-पुत्र का संयुक्त खाता बैंक आफ इंडिया सरोजनीनगर में है। शाम को जब सुरेंद्र घर पहुंचे तो हरदेव ने उन्हें मामले की जानकारी दी। जालसाजों ने उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार कर लिया और उनसे उनके बैंक विवरण मांगे।

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    सेवानिवृत्त मर्चेंट नेवी अफसर और पिता को सात दिन रखा डिजिटल अरेस्ट

    जागरण संवाददाता, लखनऊ : जालसाजों ने सेवानिवृत्त मर्चेंट नेवी अफसर और उनके करीब सौ वर्षीय पिता को सात दिन डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये ठग लिए। डराने के लिए जालसाजों ने एक जाली वारंट भी भेजा था। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने बेटे ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही सरोजनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

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    सैनिक हाउसिंग सोसायटी के सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पिता हरदेव सिंह की उम्र 100 वर्ष के आसपास है। 20 अगस्त को हरदेव सिंह के मोबाइल पर आलोक सिंह नाम के व्यक्ति ने सीबीआई अफसर बनकर फोन कर मनी लांड्रिंग करने के आरोप लगाए। अरेस्ट वारंट जारी होने की बात कहते हुए वाट्सएप पर एक जाली वारंट भी भेजा।

    बैंक आफ इंडिया का खाता संख्या व अन्य सूचनाएं लीं

    इसके बाद गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनके बैंक आफ इंडिया का खाता संख्या व अन्य सूचनाएं ले ली। पीड़ित-पुत्र का संयुक्त खाता बैंक आफ इंडिया सरोजनीनगर में है। शाम को जब सुरेंद्र घर पहुंचे तो हरदेव ने उन्हें मामले की जानकारी दी। जालसाजों ने उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार कर लिया और उनसे उनके बैंक विवरण मांगे।

    उन्हें अलग-थलग रहने और लगातार फोन पर रहने के लिए मजबूर किया गया ताकि वे घटना के बारे में किसी को कुछ न बता सकें। गिरफ्तारी से बचाने का झांसा देते हुए जालसाजों ने तीन बार में अलग-अलग तारीखों पर पीड़ितों के खाते से कुल 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बावजूद उनकी मांग कम नहीं हुई।

    जालसाजों ने बंद करे अपने नंबर

    पीड़ितों ने और रकम देने में असमर्थता जताई। ठगी के बाद जालसाजों ने अपने नंबर बंद कर लिए। इंस्पेक्टर राजदेव राम प्रजापति ने बताया कि साइबर क्राइम टीम की मदद से जालसाजों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पीड़ितों से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर घटना की जांच कर रही है।