लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में कोरोना का कहर अभी जारी है। एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को रेलवे स्टेशन पर तैनात सिपाही कोरोना पॉजिटिव निकला। गुजरात और महारास्ट्र से आने वाली ट्रेनों के प्रवासियों की जांच कराकर बाहर भेजने की डुएटी में तैनात था। सिपाही किसी प्रवासी के संपर्क में आ गया। उसके संपर्क वाले सिपाहियों का पता लगाया जा रहा है। सिपाही को केजीएमयू भेजा गया है। वहीं, अंबेडकरनगर निवासी एक मरीज में भी वायरस मिला है। ऐसे में राजधानी में कोरोना पॉजिटिव के मामले 323 से बढ़कर 324 हो गए हैं। 

कोरोना संदिग्ध की मौत

नगराम के बहरौली गांव से भेजे गए कोरोना संदिग्ध की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर भर्ती नहीं किया गया था। मरीज की एम्बुलेंस में ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 45 वर्षीय युवक मुंबई से लौटा था। बुखार व सांस लेने में उसे तकलीफ हो रही थी। निदेशक डॉ लोचन ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर थी। उसको भर्ती किया गया था। आरोप निराधार हैं। 

एक दिन में निकले 12 पॉजिटिव 

बीते दिन शनिवार को 12 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसमें रेलवे अस्पताल की अटेंडेट समेत 11 और लोगों में संक्रमण मिला है। इसमें एक मरीज प्रतापगढ़ निवासी व एक कानपुर निवासी है। जिला नोडल ऑफीसर कोविड डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक एक रेलवे अस्पताल की अटेंडेट में वायरस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा आठ प्रवासी मजदूर हैं। यह बीकेटी, निगोहा, मलिहाबाद व आलमबाग के क्वारंटाइन सेंटर में ठहरे थे। वायरस की पुष्टि के बाद सभी को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया है। वहीं, एक युवती मुंबई से लौटी थी। यह गोमतीनगर निवासी है। इसमें भी वायरस की पुष्टि हुई है। साथ ही एक महिला कानपुर के फहीमाबाद निवासी है। वहीं, एक प्रतापगढ़ का रहने वाला है। ऐसे में अब राजधानी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 323 हो गई है। कानपुर और प्रतापगढ़ की संख्या लखनऊ में नहीं जोड़ी जाएगी। 

एक ही परिवार के पांच लोग संक्रमित 

शहर के कुल पॉजिटिव दस मरीजों में से पांच एक ही परिवार के हैं। इसमें तीन महिला, एक किशोरी व एक पुरुष है। सीएमओ की टीम ने शनिवार को सिफतनगर, लोधपुरवा , गोसाईगंज क्षेत्र में संक्रमण से मुक्ति का अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने 278 घर का भ्रमण किया। 

डॉक्टर, नर्स समेत सिविल के 22 स्टाफ क्वारंटाइन

सिविल अस्पताल में शुक्रवार को संक्रमित मिली नरही की महिला के संपर्क में आने वाले सिविल अस्पताल के डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व गार्ड एवं सफाईकर्मी समेत कुल 22 लोगों को शनिवार को क्वारंटाइन कर दिया गया है। महिला जिस वार्ड में भर्ती थी, वह शुक्रवार को ही सील करा दिया गया था। साथ ही संक्रमित महिला को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। इधर, महिला के साथ भर्ती मरीजों को अलग-अलग आइसोलेट न करके दूसरे मरीजों के साथ रख दिया गया। इससे अन्य मरीजों में भी संक्रमण की आशंका बनी हुई है। जानकारी के अनुसार क्वारंटाइन किए गए स्टाफ का नमूना नियमानुसार संक्रमण पांचवें दिन यानि की 27 मई को लिया जाएगा। महिला के साथ भर्ती मरीजों को भी स्वस्थ होने के बाद पांच दिन तक अतिरिक्त रोका जाएगा। अगर किसी में लक्षण विकसित होते हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी। लोकबंधु व सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि महिला के संपर्क में जितने भी डॉक्टर, नर्स व स्टाफ आए थे, उन सभी को क्वारंटाइन करवा दिया गया है।

यह भी पढ़ें : CoronaVirus Lucknow News: लखनऊ की सबसे बुजुर्ग मरीज ने बिना वेंटिलेटर के कोरोना को दी मात

सब्जी की दुकान से संक्रमण की आशंका

नरही की महिला पास में ही एक दुकान पर सब्जी लिया करती थी। एसीएमओ डॉ. ए. राजा ने बताया कि महिला ने पूछताछ में यह बात बताई है। ऐसे में आशंका है कि सब्जी कैसर बाग से आती है। इसलिए संक्रमण का कैसर बाग कनेक्शन हो सकता है। महिला के बेटे एसी रिपेयर का काम करते हैं। उनसे भी आने-जाने की जानकारी ली जा रही है। हालांकि महिला सब्जी की दुकान के अलावा कहीं अन्य जगह नहीं जाती थी। इसी दुकान पर केजीएमयू की संक्रमित नर्स भी सब्जी लिया करती थी। यह कनेक्शन भी हो सकता है। इसलिए सब्जी विक्रेता व उसके घर वालों के नमूनों की भी कोरोना जांच कराई जाएगी। 

यह भी पढ़ें : Coronavirus : यूपी के कोविड-19 अस्पतालों में मरीजों के नहीं वार्ड इंचार्ज के पास रहेंगे मोबाइल फोन

Posted By: Divyansh Rastogi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस