लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में लेवल टू और लेवल थ्री के कोविड-19 अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड में मरीजों को मोबाइल फोन रखने की इजाजत नहीं हैं। मोबाइल से संक्रमण फैलने के खतरे के चलते मरीजों को मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे मे उनकी बात न तो परिवार से हो पाती है और न ही संबंधित अधिकारी सीधी वार्ता कर पाते हैं। ऐसे में अब इन सभी अस्पतालों में दो-दो मोबाइल फोन रखे जाएंगे। मोबाइल फोन कोविड केयर अस्पताल के वार्ड इंचार्ज के पास रहेंगे।

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के लेवल टू और लेवल थ्री के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज अब अपने परिवारीजन से आराम से बात कर सकेंगे। मोबाइल से संक्रमण फैलने के खतरे के चलते मरीजों को मोबाइल फोन रखने की इजाजत नहीं है। ऐसे मे उनकी बात ना तो परिवार से हो पाती है और न ही संबंधित अधिकारी सीधी वार्ता कर पाते हैं। ऐसे में अब इन सभी अस्पतालों में दो-दो मोबाइल फोन रखे जाएंगे। मोबाइल फोन कोविड केयर अस्पताल के वार्ड इंचार्ज के पास रहेंगे।

महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण डॉक्टर के के गुप्ता ने लेवल टू के सभी 75 और लेवल थ्री के सभी 25 अस्पतालों में दो-दो मोबाइल फोन रखने के निर्देश दिए हैं। इन सभी अस्पतालों के इंचार्ज को निर्देशित किया गया है कि वह मोबाइल नंबर की सूची भर्ती मरीजों के परिवारीजनों और महानिदेशालय को जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं।

दरअसल, कोविड-19 अस्पतालों में भर्ती मरीज बीते दिनों तरह-तरह की शिकायत लेकर मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल कर रहे थे। इसके चलते इस पर रोक लगाई गई थी। अब नए आदेश के तहत वार्ड में इंचार्ज के पास दो मोबाइल फोन मौजूद रहेंगे और इनके नंबर मरीजों के परिवारीजन व अधिकारियों के पास रहेंगे। अब मरीज से उनके परिवारीजन वार्ड इंचार्ज के पास मौजूद मोबाइल फोन पर बात कर सकेंगे।

Posted By: Umesh Tiwari

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