यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी के कई जिलों के चकबंदी अधिकारी पर चला 'कार्रवाई का चाबुक', वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश; दो अन्य पर कार्रवाई
चकबंदी कार्यों में अनियमितता और ढिलाई बरतने पर चकबंदी के कई अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। मुजफ्फरनगर के ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चकबंदी कार्यों में अनियमितता और ढिलाई बरतने पर चकबंदी के कई अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। मुजफ्फरनगर के चकबंदी अधिकारी अनुज सक्सेना को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मेरठ के सहायक चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार नीरज को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि बलिया में कार्यरत चकबंदी अधिकारी शिव शंकर प्रसाद सिंह की एक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोकी गई है, जबकि अमरोहा में सहायक चकबंदी अधिकारी नितिन चौहान के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
इटावा के ग्राम बनी में चकबंदी कार्यों में अनियमितता के लिए चकबंदी अधिकारी अवधेश कुमार गुप्ता, सहायक चकबंदी अधिकारी संतोष कुमार यादव व अखिलेश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की गई है व चकबंदी लेखपाल ओम नारायण को निलंबित किया गया है।
चकबंदी आयुक्त द्वारा चकबंदी प्रक्रिया के आधुनिकीकरण, वादों के निस्तारण तथा चकबंदी प्रक्रिया को शीघ्रता व पारदर्शिता पूर्वक पूर्ण कराने की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक कुल 1,34,425 वादों का निस्तारण किया जा चुका है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 231 ग्रामों की चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराई गई है। जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, उन ग्रामों में राजस्व तथा चकबंदी प्राधिकारियों द्वारा भ्रमण कर चकबंदी से संबंधित समस्याओं का निस्तारण किया जा रहा है।
