विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'जो माफिया मिट्टी में मिले, उन्हीं का एक रूप था सालार मसूद', लखनऊ में बोले CM योगी

Published: Sun, 05 Apr 2026 03:53 PM (IST)Updated: Sun, 05 Apr 2026 04:26 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में महाराजा सुहेलदेव को याद किया। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

HighLights

  1. मुख्यमंत्री योगी ने भारतेंदु नाट्य अकादमी समारोह में हिस्सा लिया।

  2. रानी लक्ष्मीबाई और महाराजा सुहेलदेव पर नाटक बनाने का आह्वान।

  3. महाराजा सुहेलदेव ने सालार मसूद को मारकर संस्कृति बचाई।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा कि हमारे समाज ने महाराजा सुहेलदेव को भुला दिया। एक हजार वर्ष के बाद पीएम की प्रेरणा से हमारी सरकार को ये गौरव प्राप्त हुआ कि हम उनका स्मारक उस स्थान पर बना सके, जिस स्थान पर महाराज सुहेलदेव ने सालार मसूद को मारा था। वहां सालार का मेला लगता था, सुहेलदेव का नहीं।

उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति को बचाने के लिए सुहेल देव ने योगदान दिया, उन्हें कोई याद नहीं करता था। अब भीड़ उल्टा महाराज सुहेलदेव के मेले में जा रही। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और महाराजा सुहेलदेव जैसे नायकों को स्कूल कॉलेजों में नाटक शृंखला के माध्यम से प्रस्तुत करें। योगी ने इससे पहले अकादमी के 15 पूर्व विद्यार्थियों व रंगकर्मियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सालार मसूद किसी माफिया से कम नहीं था। ये जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, उन्हीं का एक रूप था। सालार मसूद भारत को लूटने के लिए आया था। इसने सोमनाथ मंदिर को ही नहीं तोड़ा था, अयोध्या में पहली बार राम मंदिर को भी क्षतिग्रस्त किया था।

WhatsApp Image 2026-04-05 at 13.02.06

महराज सुहेलदेव उसे उस मौत मारा जो इस्लाम में सबसे खराब मानी जाती है। गर्म लोहे के तवे में बांध जलाया था उसको। इस्लाम में माना जाता है कि इस प्रकार की मौत जहन्नुम में जाने की गारंटी होती है। जब तक अत्याचारी के साथ इस प्रकार का व्यवहार नहीं करेंगे तब तक वह भारत की संस्कृति पर इसी प्रकार का प्रहार करता रहेगा।

यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर दौरा: दो दिन में कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

यह भी पढ़ें- वृंदावन में 7 अप्रैल को आएंगे सीएम योगी और मोहन भागवत, जगद्गुरु मलूकदास जयंती में होंगे शामिल