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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP में गांव-गांव घुमाई जाएगी गणतंत्र दिवस की परेड में प्रथम स्थान पाने वाली राम मंदिर की झांकी की प्रतिकृति

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 28 Jan 2021 08:28 PM (IST)Updated: Fri, 29 Jan 2021 07:39 AM (IST)

Ram Mandir Model Tableau Of UP योगी आदित्यनाथ ने खुशी जताते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और ...और पढ़ें

योगी आदित्यनाथ ने खुशी जताते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का अवसर है।
योगी आदित्यनाथ ने खुशी जताते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का अवसर है।

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश सरकार ने 72वें गणतंत्र दिवस की परेड में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रदेश की झांकी को लेकर बड़ा फैसला किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या के श्रीराम मंदिर की झांकी की प्रतिकृति को प्रदेश में गांव-गांव में घुमाया जाएगा।

देश में अव्वल रहने की विभिन्न 46 उपलब्धियां पहले ही हासिल कर चुके उत्तर प्रदेश ने आखिर राजपथ पर भी विजय पताका फहरा दी। गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निकाली गई श्रीराम मंदिर मॉडल की झांकी देश में सर्वोत्तम रही। इस आयोजन का प्रथम पुरस्कार पहली बार प्रदेश के खाते में आया है। इसे गौरव का क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब प्रदेश भर में इस झांकी का भ्रमण कराने का निर्देश दिया है।

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के राजपथ पर सभी राज्य अपनी झांकियां निकालते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना विभाग ने इस बार अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर मॉडल की झांकी निकाली। 'अयोध्या : उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर' शीर्षक से सजाई गई इस झांकी के जरिये दुनिया ने मंदिर की भव्यता के साथ ही श्रीराम द्वारा दिए गए सामाजिक समरसता के संदेश को भी महसूस किया। इसी के आधार पर झांकी को पहला स्थान मिला। गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरण रिजिजू ने उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को यह पुरस्कार सौंपा।

लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर अपर मुख्य सचिव सूचना डॉ.नवनीत सहगल और सूचना निदेशक शिशिर ने मुख्यमंत्री को पुरस्कार सौंपा। इस सफलता पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुशी जताते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का अवसर है। झांकी के इस प्रतिरूप को प्रदेश में भी दिखाया जाएगा। जहां-जहां से यह झांकी गुजरेगी, वहां जनता इसका स्वागत करेगी और पुष्पवर्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की असीमित संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में पर्यटन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में उत्तर प्रदेश की झांकी को मिले प्रथम पुरस्कार से राज्य के सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।

अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि झांकी में प्रदेश की बेहद संपन्न विरासत और संस्कृति की झलक दिखाई गई है। अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर मॉडल के अलावा रामायण के प्रमुख दृश्य और रामायण की रचना करते हुए महर्षि वाल्मीकि भी आकर्षण का केंद्र रहे। शबरी के जूठे बेर खाते हुए प्रभु श्रीराम के साथ अन्य दृश्य और संगीत के जरिये सामाजिक समरसता का संदेश देने की कोशिश की गई है। सूचना निदेशक ने इस उपलब्धि को टीमवर्क का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि गीतकार वीरेंद्र सिंह के गीत को खास तौर से निर्णायक मंडल ने सर्वाधिक नंबर दिए। विविड कंपनी के निर्देशन में तैयार झांकी को मथुरा के कलाकारों ने जीवंत रूप दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल भी उपस्थित थे।

रंग लाई इस टीम की मेहनत

संयुक्त निदेशक विनोद कुमार पांडेय, हेमंत कुमार सिंह, सहायक निदेशक आरके सक्सेना, प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद कुमार, धन्य-धन्य उत्तर प्रदेश गीत के गायक राहुल मिश्रा, संगीत की ध्वनि पर साध्वी बबिता अंजाना, संतों के रूप में अजय भागवत, उमेश अनुराग, आशीष, पुनीत, जय व कोरियोग्राफर संजय शर्मा। 

झांकी में यह भी

- विभिन्न देशों से अयोध्या व प्रभु राम से संबंधों का चित्रण।

- भित्ति चित्रों में भगवान राम द्वारा निषादराज को गले लगाना।

- शबरी के जूठे बेर खाते प्रभु राम।

- पत्थर की शिला बनीं अहिल्या का उद्धार।

- हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाया जाना।

- जटायु-राम संवाद।

- लंका नरेश की अशोक वाटिका। 

उपद्रवियों ने झांकी को भी नहीं बख्शा

नई दिल्ली में राजपथ की परेड में शामिल उत्तर प्रदेश की राम मंदिर की झांकी को भी उपद्रवियों ने 26 जनवरी को निशाना बनाया। 72वें गणतंत्र दिवस पर किसानों की रैली के दौरान हिंसा में अराजकतत्वों ने झांकियों को भी नुकसान पहुंचाया। यहां पर उपद्रवियों ने राम मंदिर की झांकी भी तोड़ डाली। उन्होंने इस काफी नुकसान पहुंचाया।