लखनऊ, जेएनएन। बलरामपुर के बाद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल अब प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनने जा रहा है। सिविल अस्पताल की मौजूदा बेड क्षमता 400 से बढ़ाकर 700 की जाएगी। अतिरिक्त जगह के लिए अस्पताल से लगी सूचना विभाग की बिल्डिंग सिविल अस्पताल के हवाले की जाएगी। प्रबंधन के अनुसार प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। अगले तीन-चार दिनों में सूचना विभाग की बिल्डिंग अस्पताल को मिल जाएगी। इसके बाद अस्पताल की दृष्टि से कंपनी का चुनाव कर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कराया जाएगा। मौजूदा समय में बलरामपुर अस्पताल 776 बेडों के साथ प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सालय है। अब बलरामपुर के बाद सिविल अस्पताल में भी 700 बेड होंगे। 

सिविल अस्पताल की बेड क्षमता बढ़ाए जाने से राजधानी के आसपास के जिलों बाराबंकी, अंबेडकरनगर, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, सीतापुर लखीमपुर खीरी इत्यादि जिलों के मरीजों की मुश्किलें भी आसान हो जाएंगी। इन जिलों के ज्यादातर गंभीर मरीज सिविल अस्पताल में इलाज कराने के लिए आते हैं। 300 अतिरिक्त बेड बढ़ेंगे: सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके नंदा ने बताया कि अभी अस्पताल की क्षमता 400 बेड की है। इसमें 300 अतिरिक्त बेड बढ़ाए जाएंगे। जगह की कमी पड़ रही थी। इसलिए सूचना विभाग की बिल्डिंग को मिलाकर सिविल अस्पताल का विस्तार किए जाने की योजना है। इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। सूचना विभाग अपना दफ्तर खाली कर रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के निदेशक से हमारी बात हुई है। अगले दो-तीन दिन में अपना बाकी बचा हुआ सामान भी ले जाएंगे। इसके बाद बिल्डिंग अस्पताल के हवाले हो जाएगी। फिर कंस्ट्रक्शन कंपनी से समझौता करके अस्पताल की दृष्टि से निर्माण कराया जाएगा।

सीटी स्कैन से लेकर हर तरह की जांच की सुविधा: सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन से लेकर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व सभी तरह की पैथोलॉजी जांच की सुविधा है। अस्पताल में आइसीयू , एनआइसीयू सुविधाएं भी हैं। जिनमें कुल 10 से 12 वेंटिलेटर हैं। बेड क्षमता बढ़ने के साथ ही इन सुविधाओं में और भी इजाफा होगा। इस अस्पताल में वन विभाग की भी विशेष सुविधा है।

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