लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को 47 वर्ष के हो गए। पांच जून को उनका जन्मदिन है। हालांकि योगी आदित्यनाथ कभी अपना जन्मदिन नहीं मनाते हैं, लेकिन उनके समर्थक विभिन्न आयोजन करके उनके दीर्घायु होने की कामना करते हैं।

पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने ट्वीट कर योगी को जन्मदिन की बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि उत्तर प्रदेश के गतिशील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को उनके जन्मदिन बधाई। योगी जी ने उत्तर प्रदेश को बदलने में सराहनीय काम किया है, विशेषकर कृषि, उद्योग जैसे क्षेत्रों और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं। इस जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका आभार व्यक्त किया है।

देश के गृह मंत्री व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ को जन्मदिन पर बधाई संदेश भेजा है। 

लखनऊ में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके सरकारी आवास पर जन्मदिन की बधाई देने राज्यपाल रामनाईक पहुंचे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा भी उपस्थित रहे। 

योगी आदित्यनाथ के 47 वर्ष पूरे होने पर राजधानी लखनऊ में होर्डिंग और बैनर भी लगाए गए हैं। उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या पर मंगलवार को दारुलशफा स्थित बजरंगबली के मंदिर में पूजा, प्रार्थना और सुंदरकांड का पाठ किया गया। चंद्रशेखर चबूतरा पर विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह की अगुवाई में पूरे दिन प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन हुआ। इस दौरान बहुत से नेताओं ने उपस्थित होकर प्रसाद वितरण कार्यक्रम में भाग लिया।

5 जून 1972, उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश था) के पौड़ी जिला स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव के राजपूत परिवार में योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था। 1977 में टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल में पढ़ाई शुरू की। स्कूल और कॉलेज सर्टिफिकेट में इनका नाम अजय मोहन बिष्ट है। टिहरी के गजा स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद 1989 में ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। 

1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए एबीवीपी से जुड़े, जबकि 1992 में कोटद्वार के गढ़वाल यूनिवर्सिटी से गणित में बीएससी की परीक्षा पास की। योगी आदित्यनाथ 1993 में एमएससी की पढ़ाई के दौरान गुरु गोरखनाथ पर रिसर्च करने गोरखपुर आए। यहां गोरक्षनाथ पीठ के महंत अवैद्यनाथ की नजर उन पर पड़ी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ 1994 में सांसारिक मोहमाया त्यागकर पूर्ण संन्यासी बन गए और फिर अजय मोहन बिष्ट का नाम योगी आदित्यानाथ हो गया।

योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सबसे पहले गोरखपुर से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। तब उनकी उम्र महज 26 साल थी। इसके बाद वह गोरखपुर से दोबारा सांसद चुने गए। योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2002 में हिंदू युवा वाहिनी बनाई। 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने तीसरी बार चुनाव में जीत दर्ज की। इसके बाद 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में वह 2 लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर लोकसभा पहुंचे, जबकि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी के नेतृत्व में उन्होंने पांचवीं बार गोरखपुर से चुनाव लड़ा और एक बार फिर से दो लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर सांसद चुने गए।

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Posted By: Umesh Tiwari

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