लखनऊ, राज्य ब्यूरो। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन ने इसके बचाव के लिए केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से जारी दिशानिर्देशों और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए 26 जनवरी को पूरे प्रदेश में गणतंत्र दिवस को सुव्यवस्थित और सादगी से मनाने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सभी जिलाधिकारियों को इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है जिसमें प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा भी बतायी गई है।

समारोह की व्यवस्था के बारे में परामर्श देने के लिए एक कमेटी गठित करने के लिए कहा गया है। शासनादेश में गणतंत्र दिवस पर सरकारी भवनों पर सुबह 8.30 बजे और शिक्षण संस्थाओं में 10.30 बजे राष्ट्रध्वज फहराने के लिए कहा गया है। गणतंत्र दिवस समारोह में सभी लोगों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा और सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। दो गज की शारीरिक दूरी का पालन भी किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था करने और खांसी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षणयुक्त व्यक्तियों को शामिल न करने के लिए कहा गया है।

गणतंत्र दिवस पर सभी शिक्षण संस्थाओं में खुले स्थान पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए कहा गया है जिसमें राष्ट्रगान का सामूहिक आयोजन हो। विद्यार्थियों को संक्षेप में स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बताने, सशस्त्र सैन्यबलों के बलिदान को नमन करने, देशभक्तों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को दोहराने और नाटक, विचार गोष्ठी और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।

झंडारोहण कार्यक्रम के तुरंत बाद पुलिस परेड आयोजित की जाएगी जिसकी सलामी मंडलायुक्त/जिलाधिकारी लेंगे। परेड में जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा सैन्यबल कर्मियों की विधवाओं अभिभावकों को भी ससम्मान आमंत्रित करने के लिए कहा गया है। तीसरे प्रहर में एनसीसी स्काउट और गाइड का सम्मिलित रूट मार्च कराने का निर्देश दिया गया है। समारोह में स्वाधीनता संग्राम सेनानी को आमंत्रित करने के लिए भी कहा गया है। गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में स्वच्छ पर्यावरण और सीमित परिवार की आवश्यकता पर भी जोर देने का निर्देश दिया गया है।

Edited By: Vikas Mishra