Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जलालुद्दीन उर्फ छांगुर गिरोह का माफिया मुख्तार अंसारी से कनेक्शन आया सामने, अवैध संपत्तियों पर चलता रहेगा बुलडोजर

    Updated: Fri, 11 Jul 2025 09:14 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश में मतांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर की अन्य संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है। एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि गिरोह की विदेशी फंडिंग और अवैध संपत्तियां गैंग्स्टर एक्ट के तहत जब्त कर ध्वस्त की जाएंगी। इस बीच छांगुर के गिरोह के सदस्य मोहम्मद अहमद खान ने मीडिया के सामने आकर बताया कि छांगुर का कनेक्शन माफिया मुख्तार अंसारी से भी था।

    Hero Image
    जलालुद्दीन उर्फ छांगुर गिरोह का माफिया मुख्तार अंसारी से कनेक्शन आया सामने

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतांतरण के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के गिरोह की अन्य संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा। एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के अनुसार गिरोह द्वारा विदेशी फंडिंग की रकम व अवैध ढंग से जुटाई गईं अन्य संपत्तियां गैंग्सटर एक्ट के तहत जब्त कर ध्वस्त की जाएंगी। 

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस बीच गुरुवार को पुणे में मोहम्मद अहमद खान मीडिया के सामने आया और उसने यह जानकारी दी कि छांगुर गिरोह का कनेक्शन मृतक माफिया मुख्तार अंसारी से भी था। छांगुर का बेटा महबूब भी जेल में है। 

    भतीजा सबरोज, साले का बेटा शहाबुद्दीन, गोंडा के रिश्तेदार रमजान, बलरामपुर के रसीद को एटीएस ने एफआईआर में नामजद किया है। अब इन लोगों की संपत्तियां खंगाली जा रही हैं। 

    विदेशी फंडिंग का उपयोग मतांतरण में कराने के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उन प्रापर्टी डीलर और वकीलों की भी खोज शुरू की है, जिसने मतांतरण गैंग को सहयोग किया है। 

    मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर व उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन को सात दिनों की रिमांड पर लेकर एटीएस पूछताछ कर रहा है। नीतू से उसकी व उसके पति नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन की दुबई यात्राओं को लेकर गुरुवार को सवाल किए गए। 

    नीतू के पिता दुबई में कबाड़ के बड़े कारोबारी हैं। नीतू व नवीन की छांगुर से पहली मुलाकात मुंबई में हुई थी। सिंडीकेट में उनकी भूमिका व दुबई से की जा रही फंडिंग को लेकर और गहनता से छानबीन हो रही है। छांगुर व नीतू का जल्द आमना-सामना भी कराया जाएगा। 

    एफआईआर में नामजद अन्य पांच आरोपितों के विरुद्ध भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ईडी ने भी मामले में अपनी जांच के कदम बढ़ाए हैं। 40 खातों में खाड़ी देश व अन्य जगहों से अब तक 106 करोड़ रुपये भेजे जाने का तथ्य सामने आया है। 

    उत्तर प्रदेश के उपनिबंधक कार्यालयों से छांगुर गिरोह की संपत्तियों का विवरण मांगा गया है। आयकर से भी दस साल के रिटर्न का ब्योरा मांगा गया है। ईडी ने बलरामपुर के एसपी विकास कुमार और डीएम पवन अग्रवाल से बैंक खातों व अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी मांगी है। 

    मोहम्मद अहमद खान भी बलरामपुर का रहने वाला है। छांगुर को महाराष्ट्र में जमीन खरीदवाने की डील में खान भी शामिल था। गुरुवार को मीडिया से उसने यह कहा है कि छांगुर के गलत कारनामों से उसका कोई वास्ता नहीं है। 

    जमीन की खरीद के मामले में छांगुर ने विवाद कर उस पर मुकदमा दर्ज कराया है। इस बीच जमीन की खरीद में कई वकीलों की भूमिका की भी जांच एजेंसी कर रही है। खान ने लखनऊ के वकील का नाम भी लिया है। बलरामपुर में खान की भी काफी संपत्ति है।