लखनऊ, जेएनएन। CBSE Result 2020: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) में शहर की दिव्यांशी जैन का शत-प्रतिशत प्रदर्शन रहा। दिव्यांशी जैन ने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। दिव्यांशी के शोध के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। इसी तरह शहर के रानी लक्ष्मी बाई स्कूल (आरएलबी) इंदिरा नगर की श्रेया श्रीवास्तव व यश राज सिंह राठौर ने 97.8 प्रतिशत अंक हासिल कर शहर का मान बढ़ाया। आरएलबी की ही आस्था त्रिपाठी और समीर ने 97.4 प्रतिशत अंक  हासिल किए हैं।

शत-प्रतिशत अंक किए हासिल (हाईस्कूल: 98 % सीबीएसई, इंटर : 98 % सीबीएसई)

शहर के गणेशगंज निवासी स्टेशनरी व्यापारी राजेश प्रकाश जैन के बेटी ने सीबीएसई की बारहवीं में शत-प्रतिशत अंक हासिल किए। दिव्यांशी ने बिना कोचिंग के मदद लिए यह सफलता हासिल की। दिव्यांशी कहती हैं कि कड़ी मेहनत निश्चित तौर पर अपना रंग लाती है। दिव्यांशी बताती हैं कि सफलता के लिए लगन और आत्मविश्वास बेहद जरूरी है। दिव्यांशी शोध के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। वह रोजाना तीन से चार घंटे ही पढ़ाई करती हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई का उतना ही लाभ है, जितना समझ आए। उसकी मां सीमा जैन गृहणी हैं। दिव्यांशी ने हाईस्कूल में 98% अंक हासिल किए थे। 

इतने मिले अंक 

अंग्रेजी : 100

संस्कृत : 100 

इतिहास : 100

भूगोल : 100

बीमा : 100

अर्थशास्त्र : 100

 

किसान का बेटा कार्डियोलॉजिस्ट बनकर करना चाहता है देश की सेवा

देश में कार्डियोलॉजिस्ट सर्जन की संख्या बहुत कम है। इस लिए नीट क्वालिफाई करके कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। यह कहना है आरएलबी चिनहट के छात्र ऋतिक वर्मा का। ऋतिक 12वीं में 97.6 प्रतिशत नंबरों के साथ उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिता शैलेंद्र कुमार बाराबंकी के काजी बेहटा में रहते हैं। मां गृहणी हैं। ऋतिक ने बताया कि वह रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई करते थे। जो स्कूल में पढ़ाया जाता था उसका घर पर अच्छे से रिवीजन करते थें। यहां वह चाचा धीरेंद्र के साथ कामता नाथ सिटी में रहते हैं। पढ़ाई के दौरान चाचा और सभी परिवारीजनों का सहयोग मिला।

(ऋतिक वर्मा, कक्षा 12, आरएलबी सेक्टर 14 इंदिरानगर, 97.6 प्रतिशत)

 

बिना कोचिंग हासिल की सफलता, आइईएस बनने का सपना

आरएलबी सेक्टर-सी की छात्रा श्रेया श्रीवास्तव ने इंटर में कॉमर्स से पढ़ाई की। उन्होंने 97.8 फीसद अंक अर्जित किए। अंग्रेजी में सबसे अधिक 100 अंक मिले। श्रेया का दावा है कि उसने कोचिंग नहीं की। क्लास में 100 फीसद उपस्थित पर उसे सम्मानित किया गया। हर रोज क्लास में पढ़ाया गया कोर्स का घर पर रिवीजन किया। सभी विषयों पर बराबर फोकस किया। चैप्टर पढ़ते वक्त महत्वपूर्ण बिंदुओं के फ्लो चार्ट बनाए। ऐसे में परीक्षा के वक्त टीचर्स के नोट्स, खुद के बनाए फ्लो चार्ट से तैयारी की। अब आइईएस बनने का सपना है। वही लक्ष्य है। श्रेया के पापा अनूप श्रीवास्तव समीक्षा अधिकारी हैं। मां रश्मि गृहणी हैं। भाई प्रियम शेयर से जुड़ा काम करता है। श्रेया के हाईस्कूल में 93.8 फीसद अंक रहे। उन्होंने कहा कि पढ़ाई कि लिए घंटों की आवश्यकता नहीं है, सिर्फ मन लगाकर अध्ययन करें। वह स्कूल के बाद घर पर चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थीं। अपनी सफलता का श्रेय टीचर को दिया।

97 प्रतिशत अंक हासिल कर गोंडा बने जितेंद्र साहू 

गोंडा के सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र जितेंद्र साहू सीबीएसई की 12वीं की परिक्षा में 97 प्रतिशत अंक पाकर जिला टॉप किया। वहीं, फातिमा सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अग्रिमा गर्ग व खुशी अग्रवाल 96.20 फीसद अंक पाकर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं।

अयोध्या में प्रांजली पांडेय ने हासिल किया पहला स्थान 

जेबीए की प्रांजली पांडेय ने 500 में से 499 अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास व कम्प्यूटर विषय में सौ-सौ नंबर पाए। साइकोलॉजी में 99 नंबर मिले। प्रांजली पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं। 

सुलतानपुर: सेंट जेवियर्स के सौभाग्य ने किया जिला टॉप 

जिले के सेंट जेवियर हाई स्कूल के छात्र सौभाग्य सिंह ने 97.6 फीसद अंक पाकर जिले में टॉप किया। सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंद नगर के छात्र अनिरुद्ध साहू 97 फीसद अंक पाकर दूसरे तो 96.8 फीसद अंक पाने वाले टाइनी टाट्स पब्लिक स्कूल रतनपुर के छात्र हमदान अशरफ ने तीसरा स्थान हासिल किया। छात्रों के सफल होने पर शिक्षकों व अभिभावकों के परिवारजन में खुशी का माहौल है। 

आइएएस बनने की है तमंना

सुलतानपुर: बच्चे पढ़ लिखकर नाम रोशन करें इसलिए जयसिंहपुर के रूपिनपुर गांव के रहने वाले मनोज सिंह अपनी पत्नी प्रीतू सिंह व बेटे सौभाग्य व बेटी स्वास्ती के साथ शहर चले आए। यहां वह बघराजपुर में किराए के मकान में रहते हैं। कपड़े के कारोबार से जुड़े मनोज ने बेटे का दाखिला शहर के महुअरिया रोड स्थित सेंट जेवियर हाईस्कूल में करा दिया। हाईस्कूल में 94 फीसद अंक हासिल करने के बाद सौभाग्य की पढ़ने की ललक बढ़ती गई और इंटर में 97.6 फीसद अंक पाकर जिले में पहला स्थान हासिल किया। सौभाग्य ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से पठन-पाठन से उन्हें काफी मदद मिली। सौभाग्य ने बताया कि वह आइएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। 

सुलतानपुरसीए बनना चाहता है अनिरुद्ध

97 फीसद अंक पाकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले वाले सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंद नगर के छात्र अनिरुद्ध साहू अन्य छात्रों के लिए प्रेरणाश्रोत बन गए हैं। वह सीए बनना चाहता है। अनिरुद्ध ने बताया कि किताबों में डूबे रहने से ही नहीं बल्कि नियमित व योजनाबद्ध पढ़ाई करने से सफलता मिलती है। विद्यालय के कर्मचारी सत्य प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि अनिरुद्ध पढ़ने में जितना तेज है, उतना ही सदाचारी भी है। 

सुलतानपुर: किरण बेदी से मिली प्रेरणा 

पहली महिला आइपीएस अधिकारी किरन बेदी को अपना रोल मॉडल मानने वाले टाइनी टाट्स पब्लिक स्कूल रतनपुर के छात्र हमदान अशरफ ने 96.8 फीसद अंक पाने वाले तीसरा स्थान हासिल किया। किरन बेदी की तरह हमदान इमानदार व तेज तर्रार अधिकारी बनना चाहते हैं। हमदान के पिता अशरफ की असमयिक मौत हो चुकी है। मां सस्नीन पेशे से शिक्षिका हैं अौर अपने दो बेटों मोहम्मद हम्माम व हमदान को पढ़ाकर काबिल बनाने के लिए संघर्षरत हैं। हम्माम एलएलबी कर रहा है। हाईस्कूल में 89.2 फीसद अंक हासिल करने वाले हमदान ने बताया एकाग्र होकर छह से सात घंटे पढ़ाई करना काफी होता है। खाली समय किताबें पढ़ने में वह व्यतीत करते हैं।

Posted By: Anurag Gupta

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