UP News: सीबीआई घूसखोरी के अन्य मामलों की भी कर रही पड़ताल, आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू
लखनऊ में सीबीआई सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स में 10 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले की जांच कर रही है। नर्सिंग होम संचालक गयासुद्दीन अहमद को इंस्पेक्टर आदर्श योगी ने धमकी दी थी। निलंबित इंस्पेक्टर आदर्श योगी पहले भी घूसखोरी में पकड़ा जा चुका है। तीन इंस्पेक्टरों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू हो सकती है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सीबीआइ दस लाख रुपये की घूसखोरी के मामले में सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स (सीबीएन) में हुए अन्य खेल की भी जांच कर रही है। इसकी तह तक जाने के लिए पूर्व में अन्य मामलों में जारी कुछ नोटिसों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
देवा नर्सिंग होम के संचालक गयासुद्दीन अहमद काे पहली बार फोन कर 10 लाख रुपये देने की धमकी इंस्पेक्टर आदर्श योगी ने दी थी। यह काल गयासुद्दीन को नोटिस भेजे जाने से पूर्व मामले में बर्खास्त किए गए इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के फोन से की गई थी।
सूत्रों का कहना है कि यह भी सामने आया है कि मामले में निलंबित सीबीएन इंस्पेक्टर आदर्श योगी घूसखोरी के मामले में पहले भी पकड़ा जा चुका है, तब वह राजस्थान में तैनात था।आरोपित तीन इंस्पेक्टरों के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति की जांच भी शुरू हो सकती है।
सीबीआइ ने नर्सिंग होम संचालक से घूसखोरी के मामले में इंस्पेक्टर महिपाल व आदर्श के अलावा रवि रंजन को गिरफ्तार किया था। मामले में कुल छह आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
प्रतिबंधित दवाओं व कोडीन सिरप की सप्लाई के मामले में नर्सिंग होम संचालक की भूमिका बताकर सीबीएन निरीक्षक ने 10 लाख रुपये की घूसखोरी की थी।
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